मुर्शिदाबाद के शांतनु सिन्हा बिश्वास को ढाई करोड़ रुपये देने वाले शख्स की हुई पहचान!
* क्या है ठेकेदार दाऊद शेख का दावा?
मुर्शिदाबाद/कांदी: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। मुर्शिदाबाद के कांदी नगरपालिका के वार्ड नंबर 8 के जेमो बिश्वासपाड़ा निवासी शांतनु सिन्हा बिश्वास के घर को लेकर वित्तीय लेन-देन के तार जुड़े हैं। ईडी सूत्रों के मुताबिक, शांतनु सिन्हा बिश्वास ने हाल ही में करीब 2.5 करोड़ रुपये खर्च करके अपने नए मकान का निर्माण कराया है। बता दें कि शांतनु की बहन गौरी सिन्हा बिश्वास कांदी नगरपालिका की वाइस चेयरमैन हैं। जांच में सामने आया है कि कुली इलाके के रहने वाले दाऊद शेख नाम के एक ठेकेदार ने बैंक के जरिए यह 2.5 करोड़ रुपये दिए थे, जिसकी जांच अब ईडी कर रही है। फिलहाल शांतनु का यह नया मकान पूरी तरह से ताला बंद है, लेकिन अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी रकम आई कहां से?
बेटे के अकाउंट में ट्रांसफर हुए पैसे, दाऊद शेख ने आरोपों को नकारा
ईडी की तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि यह ढाई करोड़ रुपये शांतनु सिन्हा बिश्वास के बेटे के फार्मासिस्ट अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे। हालांकि, इस मामले पर मुख्य संदिग्ध ठेकेदार दाऊद शेख ने अपनी सफाई दी है। दाऊद शेख का कहना है कि वे इस लेन-देन से किसी भी तरह से नहीं जुड़े हैं और उन्होंने इतनी बड़ी रकम नहीं दी है। दाऊद ने दावा किया:
“मैंने शांतनु सिन्हा बिश्वास के घर पर (निर्माण कार्य) काम किया था। उस काम के एवज में मुझे तीन किश्तों में मेरा पारिश्रमिक (मजदूरी) मिला था। मुझे एक ब्लैंक चेक भी दिया गया था।”
ईडी ने की 12 घंटे तक मैराथन पूछताछ
इस वित्तीय गड़बड़ी के सिलसिले में ईडी की टीम दाऊद शेख से लगातार 12 घंटे तक कड़ी पूछताछ कर चुकी है। मालूम हो कि कुली के पास रामरामपुर में दाऊद शेख का एक कारखाना है, जहां पेपर ब्लॉक (इंटरलॉकिंग टाइल्स) बनाने का काम होता है और रोज़ाना कई मजदूर वहां काम करते हैं। दाऊद शेख ने अपनी वित्तीय स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा:
उनका यह व्यापार लोन (ऋण) लेकर चलता है, उनके पास इतनी बड़ी रकम नहीं है।
वे ईडी के अधिकारियों के सामने पेश होकर अपनी तरफ से सभी जरूरी दस्तावेज और जानकारी दे चुके हैं।
इस ढाई करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से उनका या उनके व्यवसाय का कोई लेना-देना नहीं है।


