आर्यावर्त की अनुपमाएं मां से चन्द्रमा तक अद्भुत कृति – कवि संगम त्रिपाठी

 

मातृशक्ति को समर्पित अद्भुत कृति आर्यावर्त की अनुपमाएं मां से चन्द्रमा तक संस्कारधानी जबलपुर की सिद्धहस्त कवयित्री सिद्धेश्वरी सराफ शीलू की किताब साहित्य जगत को समर्पित है। कवयित्री ने इस किताब में मां, जगत जननी मां सीता, सती अहिल्या, द्रोपदी, महासती तारा, महारानी लंका मंदोदरी, माता अनुसुइया, बहना रानी सुभद्रा, मत्स्य कन्या सतवती, भील कन्या रामभक्त शबरी, माता अंजनी, माता कौशल्या, माता सुमित्रा, माता कैकेई, राधा रानी, मीरा बाई, देवकी मैया, यशोदा मैया, शकुंतला, रानी नल दमयंती, जोधाबाई, रानी पद्मावती, रानी लक्ष्मीबाई, रानी दुर्गावती, गायत्री देवी जयपुर महारानी, सरोजिनी नायडू स्वर कोकिला, सावित्री बाई फुले, जीजा बाई भोसले, रानी अवंती बाई, भीका जी कामा, सुचेता कृपलानी, कार्नेलिया सोराब जी, आनंदी बाई जोशी, शिवांगी सिंह, राधा बाई सुभारायन, तीजन बाई, देविका रानी, आरती साहा, ऊदा देवी पासी, पार्वती बरुआ, इंदिरा गांधी, सुषमा स्वराज, कल्पना चावला, प्रतिभा पाटिल, बछेंद्री पाल, किरण बेदी, अरुंधती रॉय, मैरी कॉम, लीला सेठ, मीरा कुमार, मदर टेरेसा, कमल जीत सिंह संधू, सुष्मिता सेन, आशा पूर्णा देवी, राजकुमारी अमृत कौर, विजय लक्ष्मी पंडित, कर्णम मल्लेश्वरी, अमृता प्रीतम, सुनीति चौधरी, हरमन प्रीत कौर, सरला देवी चौधरानी, किरण मजूमदार शॉ, सविता पुनिया, लता मंगेशकर, गौरा देवी, जानकी अम्माल, कविता दलाल, दीपा कर्माकार, सरला ठकराल, कमला पुजारी, अमृता शेरगिल, जोधइया बाई, माया विश्वकर्मा, शुभदा भोंसले गायकवाड़, मेघा पाटकर, द्रोपदी मुर्मू, मिताली राज, पी. वी. सिंधु पुसरला वेंकट सिंधु, झलकारी बाई, कित्तूर रानी चेनम्मा, सुमित्रा महाजन, रमन परिमाला, सुजाता रामदोराई, जमना देवी, बुधरी ताती, केनेरु हम्पी, मिनी माता, विजया राजे सिंधिया, हेमा मालिनी, महादेवी वर्मा, कमला देवी चट्टोपाध्याय, रितू कुमार, तरला दलाल, मन्नू भंडारी, भानू अथैया, उमा भारती, डॉ मुथु लक्ष्मी, सुभद्रा कुमारी चौहान, तुलसी गौड़ा, प्रज्ञा सिंह ठाकुर, कादम्बिनी गांगुली के व्यक्तित्व कृतित्व समर्पण सेवा योगदान व महत्व को दोहों में पिरोया है। किताब में शामिल 101 नामों की विविधता – पौराणिक, ऐतिहासिक, सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक, सैन्य, साहित्यिक, सांस्कृतिक व हर क्षेत्रों से जुड़ी मातृ-शक्तियों की वंदन गाथा बनाने में कवयित्री कामयाब हुई है। सिद्धेश्वरी सराफ शीलू सशक्त कलमकार है व उन्होंने अपनी लेखनी से सिद्ध कर दिया की आर्यावर्त से आधुनिक युग तक मातृशक्ति ने हर क्षेत्र में वह काम किया है जिसकी यशगाथा गंगा यमुना सरस्वती की धाराओं सी अविरल प्रवाहित होती रहेगी व जग को प्रेरणा देगी।

कृति – आर्यावर्त की अनुपमाएं मां से चन्द्रमा तक
प्रकाशन – श्री नर्मदा प्रकाशन भोपाल
लेखिका – सिद्धेश्वरी सराफ शीलू
जबलपुर मध्यप्रदेश
संपर्क – 7354671605 , 9589878421

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