कपिलदेव प्रसाद यादव को एआईसीसी सदस्य को निकालने का अधिकार नहीं है – आनन्द माधव
एआईसीसी सदस्य को ये निकाल नहीं सकते- छत्रपति यादव
अजित प्रसाद,पटना : जिसका मनोनयन ही ग़लत हो वह किसी को कैसे निकाल सकता है। बिहार कांग्रेस की वर्तमान अनुशासन समिति का गठन ग़लत है, क्योंकि यह समिति अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) के हस्ताक्षर से बनता है और जिसके परंपरागत रूप से पाँच सदस्य होते है। वर्तमान समिति में इनमें से दोनों का पालन नहीं हुआ है।
दूसरी ओर पार्टी का संविधान यह कहती है कि जो लोग भी एआईसीसी का निष्कासन और मनोनयन एआईसीसी ही कर सकती है। जो संगठन महासचिव के हस्ताक्षर से होगा।
अत: इन्होंने निष्कासित किया है वह ग़लत है जिसका कोई आधार नहीं है। हमलोग इसे स्वीकार नहीं करते।ये लोग पार्टी संविधान का पालन नहीं कर रहे और स्वंय को पार्टी के संविधान से उपर समझते हैं ।
दरअसल पार्टी को बेचनें की जो इनकी रणनीति है उसके मार्ग में हमलोग रोढ़ा बन रहे हैं।छत्रपति यादव और आनन्द माधव, अध्यक्ष राजेश राम और प्रभारी कृष्णा अल्लावरू से कहीं अधिक कांग्रेसी हैं। हमलोग सच कह रहे हैं और न्याय के लिये लड़ रहे है। हमारे सच से ये लोग भयभीत हैं। हमलोग अंतिम दम तक पार्टी को बचानें के लिये लड़ते रहेंगे । हमलोगों राहुल गॉंधी जी तक सच को पहुँचा कर रहेंगे । पार्टी से तो इनलोगों को निष्कासित करना चाहिये जो हर कदम पर पार्टी आलाकमान के साथ विश्वासघात कर रहे है।ये लोग बिके हुए लोग हैं ।
बिहार कांग्रेस की वर्तमान व्यवस्था हर वह काम कर रही है जिससे बिहार में कांग्रेस का नाम लेवा कोई ना बचे।




