अमीन रंगे हाथों रिश्वत लेते धराया

-नाम सुधारने के बदले मांगे थे 10 हजार रुपये

-निगरानी विभाग की दो दिनों दूसरी कामयाबी
भारत पोस्ट संवाददाता
पटना। पटना निगरानी ;विजिलेंसद्ध विभाग की टीम ने बांका जिले में लगातार दूसरे दिन बड़ी कार्रवाई करते हुए चांदन में कार्यरत भूमि सर्वेक्षण विभाग के अमीन आदित्य कुमार को साढ़े आठ हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। जमीन संबंधी दस्तावेज में नाम और पिता के नाम की त्रुटि सुधारने के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम आरोपी को अपने साथ पटना ले गई।
मंगलवार को चांदन.कटोरिया मुख्य मार्ग पर चांदन नदी पुल के समीप स्थित डेरा में निगरानी विभाग की टीम ने छापेमारी कर भूमि सर्वेक्षण विभाग के अमीन आदित्य कुमार को गिरफ्तार किया। कार्रवाई का नेतृत्व निगरानी विभाग के डीएसपी मोण् वशीम कर रहे थेण् करीब 15 सदस्यीय टीम ने पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। लगातार दूसरे दिन हुई इस कार्रवाई से चांदन प्रखंड सहित पूरे जिले में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार एक रैयत के जमीन संबंधी दस्तावेज में नाम और पिता के नाम में त्रुटि थी। इस गलती को सुधारने के एवज में अमीन आदित्य कुमार ने 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। रैयत ने रिश्वत मांगने की शिकायत 6 मई को निगरानी विभाग से की थी। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने मामले की गुप्त जांच कराईए जिसमें आरोप सही पाए गए।
चांदन प्रखंड की असुढ़ा पंचायत के दिग्घीबारी गांव निवासी दिनेश मंडल ने निगरानी विभाग पटना में शिकायत दर्ज कराई थी। सत्यापन के बाद विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। मंगलवार की सुबह करीब 11 बजे जैसे ही अमीन ने दिनेश मंडल से साढ़े आठ हजार रुपये रिश्वत लीए टीम ने उसे मौके पर ही रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान आरोपी अमीन ने मौके से निकलने की कोशिश कीए लेकिन पहले से तैयार विजिलेंस टीम ने चारों ओर से घेराबंदी कर रखी थी। नतीजतन उसकी कोशिश नाकाम हो गई और उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम ने मौके पर आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कीण् इसके बाद आरोपी अमीन आदित्य कुमार को अपने साथ पटना ले जाया गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले रजौन में निगरानी विभाग ने विद्युत विभाग के सहायक अभियंता विजेंद्र कुमार को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। लगातार दो दिनों में हुई इन बड़ी कार्रवाइयों ने सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की सक्रियता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

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