कुख्यात लल्लन सहारनपुर में ढेर
-वाराणसी में दारोगा को उतारा था मौत के घाट
भारत पोस्ट संवाददाता
सहारनपुर। पूर्वांचल और बिहार में लंबे समय से आतंक का पर्याय बने कुख्यात अपराधी ललन सिंह उर्फ लल्लन का खूनी सफर आखिरकार खत्म हो गया। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक लाख रुपये का इनामी बदमाश ललन सिंह मारा गया है। वह सात हत्याओं, बैंक डकैती, कैश वैन लूट और पुलिसकर्मियों पर हमलों जैसे कई संगीन मामलों में वांछित था।
पुलिस के मुताबिक सरसावा.नकुड़ मार्ग पर शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि के बीच संदिग्ध अपराधियों की तलाश में अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में ललन सिंह को गोली लगी. गंभीर हालत में उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसावा और फिर जिला अस्पताल सहारनपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
ललन सिंह बिहार के समस्तीपुर जिले के आनंदगोलवा गांव का रहने वाला था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह लंबे समय से उत्तर प्रदेश और बिहार पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उसके खिलाफ दोनों राज्यों में हत्या, डकैती, लूट और हथियारबंद हमलों समेत कई गंभीर मामले दर्ज थे। वह अपने भाइयों और गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर कई बड़ी आपराधिक वारदातों को अंजाम दे चुका था।
ललन सिंह का नाम 8 नवंबर 2022 को वाराणसी में एक सब.इंस्पेक्टर की हत्या और उनकी सरकारी पिस्टल लूटने की घटना के बाद सुर्खियों में आया था। इसके अलावा 1 नवंबर 2022 को चंदौली में हुई गोलीबारी और डकैती की घटना में भी वह वांछित था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके गिरोह पर दो सब.इंस्पेक्टर, एक बैंक कैशियर और एक सुरक्षा गार्ड समेत सात लोगों की हत्या के आरोप हैं।
ललन सिंह की गिरफ्तारी के लिए वाराणसी पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। वहीं चंदौली पुलिस ने भी उस पर 25 हजार रुपये का इनाम रखा था। कई वर्षों से फरार चल रहे इस अपराधी की तलाश में विभिन्न एजेंसियां लगातार जुटी हुई थीं।
मुठभेड़ के दौरान ललन सिंह का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि ललन सिंह के मारे जाने से कई पुराने मामलों के खुलासे की उम्मीद है। साथ ही उसके नेटवर्क और गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों तक पहुंचने में भी मदद मिल सकती है।




