लखनऊ में क्लीन प्लांट सेंटर होगा स्थापित

-बागवानी क्षेत्र को मिलेगी नई उड़ान

भारत पोस्ट संवाददाता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बागवानी क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए केंद्र सरकार ने लखनऊ में क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित करने का फैसला किया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तर प्रदेश के बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ में क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस केंद्र से किसानों को गुणवत्तायुक्त और रोगमुक्त पौधे उपलब्ध होंगे, जिससे उद्यानिकी क्षेत्र का विस्तार और किसानों की आय में वृद्धि होगी। लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कृषि एवं ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक में उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य के लिए समृद्ध उत्तर प्रदेश को जरूरी बताया। बैठक में चना, मसूर और सरसों की सरकारी खरीद अवधि बढ़ाने की मंजूरी भी दी गई, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपज बेचने का अधिक अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित समीक्षा बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना ;ग्रामीण. के नए आवासों की स्वीकृति, चना, मसूर और सरसों की सरकारी खरीद अवधि बढ़ाने तथा लखनऊ में क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित करने के फैसले के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र नई दिशा में आगे बढ़ रहा है और आईसीएआर का ष्विकसित कृषि 2047 रोडमैप उत्तर प्रदेश के लिए मार्गदर्शक साबित होगा। बैठक में कृषि विविधीकरण, आधुनिक तकनीक, उत्पादकता वृद्धि, मूल्य संवर्धन और जलवायु अनुकूल खेती पर जोर दिया गया। कार्ययोजना के अनुसार प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को वर्ष 2047 तक 7.41 ट्रिलियन रुपये से बढ़ाकर 96.96 ट्रिलियन रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में कृषि क्षेत्र को अधिक उत्पादक, लाभकारी और जलवायु अनुकूल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ;आईसीएआर. द्वारा विकसित कृषि 2047 की कार्ययोजना भी प्रस्तुत की गई। इसमें कृषि विविधीकरण, जलवायु अनुकूल खेती, आधुनिक तकनीक, कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल कृषि, मूल्य संवर्धन और निर्यात आधारित कृषि अर्थव्यवस्था पर बल दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और कृषि प्रसंस्करण को बढ़ावा देकर उत्तर प्रदेश कृषि क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को हासिल कर सकता है। प्रत्येक जिले में डिजिटल कृषि एवं एआई प्लेटफॉर्म, प्रिसिजन एग्रीकल्चर लैब, मृदा.जल.कार्बन वेधशालाएं और कृषि उद्यमिता केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया गया। फल, सब्जी, पुष्पोत्पादन, मधुमक्खी पालन, पशुपालन और मत्स्य पालन को कृषि विकास के नए इंजन के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया। समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विविधीकरणए सॉयल हेल्थ कार्ड के प्रभावी उपयोग, किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा योजना के विस्तार पर बल दिया।

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