उद्धव ने दिया भाजपा.मुक्त राम का नारा
बोले. हिंदुओं के साथ किया गया विश्वासघात
विशेष संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हिंदुत्व और अयोध्या का मुद्दा गरमा गया है। शिवसेना ;यूबीटी. प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अयोध्या के राम मंदिर में मिले दान में कथित गबन के मामले को लेकर भाजपा पर हमला बोला है। उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि भाजपा ने हिंदुओं की भावनाओं से खेलकर उनका विश्वास तोड़ा है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी भाजपा.मुक्त राम के लिए आंदोलन करेगी। उद्धव के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
यवतमाल.वाशिम लोकसभा क्षेत्र में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि असली हिंदुत्व मानवता सिखाता है, लेकिन भाजपा का हिंदुत्व मंदिरों को लूटने वाला हिंदुत्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए राजनीतिक दलों को तोड़ने का काम करती है। ठाकरे ने कहा कि शिवसेना ;यूबीटी. भाजपा के इस कथित हिंदुत्व को स्वीकार नहीं करती।
उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण में कहा कि राम किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने भगवान राम के नाम पर राजनीति की और अब मंदिर से जुड़े दान में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद उसकी नैतिकता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी ऐसे मामलों के खिलाफ आवाज उठाएगी और भाजपा.मुक्त राम. अभियान चलाने के लिए सड़कों पर उतरेगी।
अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं से मिले दान में कथित गबन के मामले ने हाल के दिनों में राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांच एजेंसियों ने अब तक 79.85 लाख रुपये की बरामदगी की जानकारी दी है। मामले की जांच जारी है और इससे जुड़ी कई जानकारियां सामने आनी बाकी हैं।
रैली के दौरान उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर विपक्षी दलों को तोड़ने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जनता बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दों से जूझ रही है, लेकिन इन मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक अस्थिरता पैदा की जा रही है। ठाकरे ने दावा किया कि जनता अब इन मुद्दों को समझ रही है और आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर देखने को मिलेगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अयोध्या, राम मंदिर और हिंदुत्व का मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर प्रमुख विषय बन सकता है। शिवसेना ;यूबीटी. और भाजपा दोनों ही खुद को हिंदुत्व की असली विचारधारा का प्रतिनिधि बताने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।




