महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक पर बड़ा हमला
नरेंद्र हों या देवेंद्र सबका वही हाल: कांग्रेस
विशेष प्रतिनिधि
मुंबई। महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने 28 जून 2026 को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा ;टीईटी . 2026 को पेपर लीक की आशंका के चलते स्थगित कर दिया है। परिषद ने यह फैसला तब लिया जब भिवंडी में पुलिस की कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों के पास मिले प्रश्न परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए। मामले की जांच जारी है और भिवंडी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं, मामले के सामने आने के बाद अब इस पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। इस घटना को लेकर कांग्रेस ने बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस ने नीट परीक्षा और टीईटी परीक्षा को लेकर केंद्र और महाराष्ट्र सरकार दोनों पर निशाना साधा।
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट में टीईटी परीक्षा को लेकर कहा कि एक और पेपर लीक। महाराष्ट्र में पेपर लीक हो गया है। कल ये परीक्षा होने वाली थी जिसे रद्द कर दिया गया है। बीजेपी की सरकार में कोई ऐसा पेपर नहीं, जो लीक नहीं होता। ये सरकार पेपर लीक सरकार, बन चुकी है। कांग्रेस ने एक और पोस्ट में कहा कि पेपर लीक सरकार, नरेंद्र हो या देवेंद्र, सबका पेपर लीक।
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने शनिवार को कहा कि खबरों के अनुसार कल ;रविवार को. होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा ;टीईटी. का प्रश्नपत्र उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गढ़ ठाणे में लीक हुआ है। उन्होंने सवाल किया कि लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत, सपनों और भविष्य को बर्बाद करने वाले इस गिरोह को राजनीतिक संरक्षण कौन दे रहा है? सपकाल ने आरोप लगाया कि प्रश्न पत्र लीक अब इक्का.दुक्का घटनाएं नहीं रह गई बल्कि इस विफल सरकार की पहचान बन चुकी हैं।
कांग्रेस नेता ने शिक्षक पात्रता परीक्षा ;टीईटी. मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सपकाल ने कहा कि महाराष्ट्र के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कांग्रेस जल्द ही आंदोलन शुरू करेगी।
कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने टीईटी के कथित प्रश्न पत्र लीक को ष्लाखों विद्यार्थियों के सपनों और भविष्य की चोरी करार देते हुए आरोप लगाया कि भर्ती व पात्रता परीक्षाओं में बार.बार हो रही प्रश्न पत्र लीक की घटनाएं ऐसे गिरोहों पर लगाम लगाने में सरकार की विफलता को दर्शाती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कथित प्रश्न पत्र लीक के पीछे शामिल लोगों को कहीं राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण तो नहीं मिल रहा है। वडेट्टीवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने सरकार से प्रश्न पत्र लीक की घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने की मांग की।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी .शरदचंद्र पवार ;राकांपा. के प्रवक्ता अमोल मतेले ने कहा कि अगर शिक्षक भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं, तो फिर कोई भी परीक्षा सुरक्षित नहीं रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले सीबीएसई, नीट.यूजी और कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो चुके हैं। इस सरकार ने राजनीतिक दलों को तोड़ा और सांसदों को अपने पाले में किया। अब ऐसा लगता है कि यह सरकार लीक और विश्वासघात के लिए भी जानी जाने लगी है। अमोल ने कथित प्रश्न पत्र लीक के कारण शिक्षक पात्रता परीक्षा ;टीईटी. को स्थगित किए जाने को ष्बेहद गंभीर मामला करार दिया।
शिवसेना ;यूबीटी. के एमएलसी अंबादास दानवे ने राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह टीईटी का पेपर लीक हुआ, उसी तरह महाराष्ट्र नीट पेपर लीक का भी केंद्र रहा था। इसके बावजूद सरकार ने कोई सबक नहीं सीखा। टीईटी की परीक्षा तो इसकी तुलना में बहुत छोटी है, फिर भी महाराष्ट्र सरकार इसे सुरक्षित तरीके से आयोजित करने में नाकाम रही।
महाराष्ट्र परीक्षा परिषद के अनुसारए टीईटी 2026 परीक्षा पूरे महाराष्ट्र में 1,028 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जानी थी। हाल के समय में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर नीट 2026 में सामने आई अनियमितताओं को देखते हुए परिषद ने परीक्षा की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए थे। इसके बावजूद गुप्त सूचना मिलने के बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई।
जानकारी के मुताबिक, 27 जून की सुबह भिवंडी पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोगों के पास शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रश्नपत्र से जुड़ी जानकारी मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस ने संबंधित स्थान पर छापेमारी की। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया और बरामद सामग्री का मिलान कराया गया। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि बरामद प्रश्नों में से कुछ सवाल 28 जून को होने वाली टीईटी परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं। इस पुष्टि के बाद परीक्षा परिषद ने तत्काल प्रभाव से परीक्षा स्थगित करने का निर्णय लिया।
परिषद का कहना है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आयोजित करना उसकी प्राथमिकता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की अनियमितता या पेपर लीक की आशंका को गंभीरता से लेते हुए परीक्षा को फिलहाल टाल दिया गया है। परिषद का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच कराई जाएगी। वहीं, शिक्षक पात्रता परीक्षा ;टीईटी. के बारे में अपडेटेड जानकारी महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी।



