पूर्व विधायक विजय मिश्रा का एक और किला ध्वस्त महाराष्ट्र में 100 करोड़ की फैक्ट्री कुर्क
-87 मुकदमे दर्जए कई मामलों में हो चुकी सजा
विशेष प्रतिनिधि
मुंबई। यूपी के भदोही जिला स्थित ज्ञानपुर विधानसभा के पूर्व विधायक और बाहुबली नेता विजय मिश्रा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत उनके खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र में स्थित 100 करोड़ 25 लाख रुपये मूल्य की दाल मिल को कुर्क कर लिया है। पुलिस का दावा है कि यह संपत्ति अपराध से अर्जित धन के जरिए खड़ी की गई थी। इस कार्रवाई के बाद विजय मिश्रा और उनके गिरोह से जुड़ी अब तक कुल 241 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। प्रशासन का कहना है कि संगठित अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने बताया कि जिलाधिकारी शैलेश कुमार के आदेश पर गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14 ;1 के तहत महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में कार्रवाई की गई। उमरगा थाना क्षेत्र के जकेकुर गांव में स्थित लल्ली एग्रो इंडस्ट्रीज नामक दाल मिल को मंगलवार को कुर्क किया गया। प्रशासन के अनुसार इस संपत्ति का बाजार मूल्य लगभग 100 करोड़ 25 लाख रुपये आंका गया है। कार्रवाई के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम भी मौजूद रही। अधिकारियों ने नियमानुसार कुर्की की प्रक्रिया पूरी करते हुए संपत्ति को प्रशासनिक नियंत्रण में ले लिया।
पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिनसे पता चलता है कि विजय मिश्रा, विष्णु मिश्रा, रामलली मिश्रा और गिरोह के अन्य सदस्यों ने अपराध से अर्जित धन का इस्तेमाल कर इस संपत्ति का निर्माण कराया था। अधिकारियों का दावा है कि दाल मिल का संचालन विजय मिश्रा के दामाद के नाम से किया जा रहा था। इसी आधार पर गैंगस्टर एक्ट के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया लगातार जारी है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार विजय मिश्रा के खिलाफ कुल 87 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. इनमें हत्या, रंगदारी, धमकी और अन्य गंभीर धाराओं से जुड़े मामले शामिल बताए जाते हैं। अधिकारियों के अनुसार सात मामलों में उन्हें दोषी भी ठहराया जा चुका है। इसी वर्ष एक मामले में न्यायालय ने विजय मिश्रा, उनकी पत्नी और पुत्र को 10.10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी. वहीं उनकी पुत्रवधू को चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा मिली थी। पुलिस का कहना है कि माफिया और संगठित अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




