जिन्दगी”

 

चाहे कितने भी दु:ख देती है
पर हर जन का अरमान है जिन्दगी।

पतझड आते-जाते हैं लेकिन
कलियों की मुस्कान है जिन्दगी।

दुख बहुत हैं माना इसमें पर
खुशियों की भी खान है जिन्दगी।

बिन धन के कोई निर्धन नहीं
धरती पर सबसे धनवान है जिन्दगी।

दुनिया में दुख-कष्ट बहुत हैं
फिर भी बहुत आसान है जिन्दगी।

जीने को तो सभी जीते हैं लेकिन
कोई समझे तो इम्तिहान है जिन्दगी।

कोई भोग-विलास में गवाँ दे इसको
पर किसी के लिये जन-कल्याण है जिन्दगी।

कभी महफिल है कभी है मेला
पर कभी-२ वीरान है जिन्दगी।

कभी हरे-भरे बाग हैं इसमें
तो कभी सुखा रेगिस्तान है जिन्दगी।

इस वाद्य यन्त्र रुपी धरा पर
सबसे सुरीली तान है जिन्दगी।

कर्महीन के लिए चाहे नीरस हो
पर कर्मवान के लिए इम्तिहान है जिन्दगी।

किसान के लिए हल, योद्धा के लिए बल
भूखे के लिए निवाला तो दानी के लिए दान है जिन्दगी।

शान से जीना इसको “मुकेश”
कुदरत का “अनमोल” वरदान है जिन्दगी।

मुकेश शर्मा अनमोल
वर्दीवाला कलमकार
9582735791

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