’हंगामे की भेंट चढ़ा मानसून सत्र का 10वां दिन लोकसभा और राज्यसभा सोमवार तक स्थगित
-जन्म और मृत्यु पंजीकरण विधेयक पारित
भारत पोस्ट संवाददाता
नई दिल्ली। विपक्ष के हंगामे के बीच शुक्रवार को लोकसभा ने जन्म और मृत्यु पंजीकरण ;संशोधन विधेयक, 2026 पारित कर दिया। सदन की कार्यवाही के दौरान पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने विपक्षी सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की। हालांकि, नारेबाजी के बीच ही विधेयक को पारित कर दिया गया। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे फिर शुरू हुई। इसके साथ ही विपक्ष की ओर से हंगामा जारी है। विपक्षी सदस्यों ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की।
संसद के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। राज्यसभा की अगली बैठक अब 3 अगस्त 2026 को सुबह 11 बजे होगी। राज्यसभा के सभापति ने सदन की कार्यवाही को अगले निर्धारित समय तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की।
समाजवादी पार्टी ;सपा के सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि अयोध्या में हुई घटनाओं को देखिए। जो श्रद्धालु चढ़ावा चढ़ाने गए, उन्हें रसीद नहीं दी गई। दान पेटी तक पहुंचने से पहले ही पैसे ले लिए गए। गिनती वाली जगह पर सीसीटीवी कैमरों में कुछ ही दिनों के अंदर गड़बड़ी के 70 वीडियो रिकॉर्ड हुए। लेकिन बाद में पुरानी सभी फुटेज हटा दी गईं।
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि हमारा प्रदर्शन केवल एक प्रतीक था। इसके जरिये हमने अयोध्या में दिनदहाड़े लूट की ओर ध्यान दिलाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लूट साल 2020 में भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनने के समय से ही चल रही है। सपा सांसद ने आरोप लगाया कि यह सारा पैसा भाजपा, आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े लोगों की जेब और बैंक खातों तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से भी मांग की है कि उन्हें इस मामले पर अपनी बात रखने का मौका दिया जाए।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर की ओर से लाए गए विशेषाधिकार नोटिस पर टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, वे राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लेकर आए हैं। लेकिन असल में यह प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ होना चाहिए।
उन्होंने कहा, स्थिति यह है कि जिस विधेयक को प्रधानमंत्री को पेश करना चाहिए था, उसे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेश किया। वहीं, जो काम अमित शाह को करना था, वह नित्यानंद राय ने किया। कीर्ति आजाद ने कहा कि मुद्दा यह है कि वे अपनी मर्जी के हिसाब से संसद चलाते हैं। वे अपनी पसंद के आधार पर ही तय करते हैं कि किस मुद्दे पर बहस होगी।




