पाकिस्तान में घुसे अफगान लड़ाकू विमान
भीषण बमबारी से दहला बलूचिस्तान
विशेष प्रतिनिधि
पशीन ;बलूचिस्तान। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमाई विवाद और कूटनीतिक तल्खी अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने दावा किया है कि उसकी वायु सेना ने पाकिस्तानी सीमा के भीतर घुसकर आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए हैं। यह सैन्य कार्रवाई पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा अफगान सीमा पर किए गए उस ऑपरेशन के ठीक दो दिन बाद हुई है, जिसमें काबुल के दावों के मुताबिक कम से कम 36 आम नागरिक मारे गए थे। जहां एक तरफ अफगानिस्तान इसे आतंकी ठिकानों के खिलाफ आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ इस गंभीर घटनाक्रम पर पाकिस्तान ने फिलहाल पूरी तरह चुप्पी साध रखी है। यह घटना दोनों पड़ोसी देशों के बीच बिगड़ते रिश्तों में एक और बड़ी तल्ख़ी को दिखाती है, जहाँ बार.बार सीमा.पार सैन्य कार्रवाई, राजनयिक विरोध और शांति की नाकाम कोशिशों के कारण इलाक़े में महीनों से तनाव बना हुआ है।
अफ़ग़ानिस्तान के अनुसार, उसकी वायु सेना ने मंगलवार रात बलूचिस्तान प्रांत के पशीन ज़िले के सरनान इलाक़े में हवाई हमले किए। इन हमलों में तथाकथित चरमपंथियों के एक संयुक्त ऑपरेशन सेंटर को निशाना बनाया गया, जो ष्बुराई और भ्रष्टाचार में शामिल थे। अफ़ग़ान अधिकारियों ने कहा कि इन ठिकानों का इस्तेमाल अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ हमलों के समन्वय और योजना बनाने के लिए किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आईएसआईएस से जुड़े ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।
अफ़ग़ानिस्तान के हवाई हमलों का दावा पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा पाकिस्तान.अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर सैन्य ऑपरेशन शुरू करने के दो दिन बाद आया। काबुल का कहना है कि इन ऑपरेशन्स में बड़ी संख्या में नागरिक हताहत हुए। अफ़ग़ान अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तानी ऑपरेशन्स के दौरान कम से कम 36 नागरिक मारे गए और 160 से ज़्यादा लोग घायल हुए। हालाँकि, पाकिस्तान का कहना है कि उसके बलों ने चरमपंथी ठिकानों को निशाना बनाया। सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने रविवार देर रात सीमा पर ज़मीनी ऑपरेशन चलाया और उसके बाद चरमपंथियों के ठिकानों और सुरक्षित पनाहगाहों पर हमले किए। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन में 29 चरमपंथी मारे गए और इसे पाकिस्तान के अंदर हुए कई चरमपंथी हमलों के जवाब में शुरू किया गया था। दोनों पक्षों के अलग.अलग बयानों से एक बार फिर अशांत सीमा पर सैन्य ऑपरेशन्स को लेकर गहरे विवाद का पता चलता है।



