अनंत महाराज की माफी को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया सकारात्मक कदम

 

कोलकाता: नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के मामले में भाजपा के राज्यसभा सांसद अनंत महाराज द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी मांगे जाने के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रिया तेज हो गई है। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अनंत महाराज के माफी मांगने के फैसले को सकारात्मक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि किसी वरिष्ठ जनप्रतिनिधि द्वारा अपनी गलती स्वीकार करना और उस पर खेद जताना लोकतांत्रिक एवं राजनीतिक दृष्टि से अच्छी पहल है।

संवाददाताओं से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे राष्ट्रीय नायक के संदर्भ में की गई टिप्पणी स्वीकार्य नहीं थी। नेताजी देश के स्वतंत्रता संग्राम और भारतीय इतिहास में अत्यंत सम्मानित स्थान रखते हैं, इसलिए उनके बारे में किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी स्वाभाविक रूप से विवाद का कारण बनती है। हालांकि, अनंत महाराज ने अपनी टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करते हुए माफी मांग ली है, जिसे सकारात्मक रूप से देखा जाना चाहिए।

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अनंत महाराज वरिष्ठ सांसद हैं और उनकी उम्र एवं राजनीतिक वरिष्ठता को देखते हुए उनके द्वारा अपनी गलती का अहसास करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने संकेत दिया कि गलती स्वीकार कर माफी मांगने का रवैया विवाद को आगे बढ़ाने के बजाय उसे समाप्त करने की दिशा में एक जिम्मेदार कदम है। मुख्यमंत्री की इस प्रतिक्रिया को राजनीतिक गलियारों में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ने ‘अभया’ मामले में पुलिस की कार्रवाई की भी सराहना की। उन्होंने ओडिशा से आरोपी निर्मल घोष और संजीव मुखोपाध्याय की गिरफ्तारी के लिए बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट की तत्परता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मामले की जांच में पुलिस ने तेजी दिखाई और आरोपियों तक पहुंचने के लिए प्रभावी कार्रवाई की।

मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्रवाई के लिए बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि मामले की जांच आगे भी इसी तरह तेजी और निष्पक्षता के साथ जारी रहेगी।

एक ओर नेताजी पर टिप्पणी को लेकर माफी के बाद राजनीतिक विवाद को शांत करने की कोशिश दिखाई दे रही है, वहीं दूसरी ओर ‘अभया’ मामले में पुलिस की कार्रवाई ने सरकार के लिए कानून-व्यवस्था और जांच प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। दोनों घटनाओं पर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि सरकार एक तरफ संवेदनशील बयानों को लेकर जिम्मेदारी की अपेक्षा कर रही है, तो दूसरी तरफ आपराधिक मामलों में त्वरित कार्रवाई पर भी जोर दे रही है।

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