शिक्षा मंत्री 27 सितंबर को 14वें शिक्षक सम्मान समारोह का उद्घाटन करेंगे
शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी से मिले सैयद शमायल अहमद, निजी विद्यालयों की समस्याओं के समाधान हेतु सौंपा मांग-पत्र
पटना , शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी आगामी 27 सितंबर को पटना के रविन्द्र भवन में प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वाधान में है 14वे शिक्षक सम्मान समारोह के अवसर पर बिहार के 3000 से अधिक शिक्षकों को सम्मानित करेंगे यह जानकारी प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने दी।
श्री शमायल अहमद ने बताया के आज माननीय शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी से उनके सरकारी आवास में भेंट कर बिहार के निजी विद्यालयों से संबंधित विभिन्न समस्याओं, प्रशासनिक कठिनाइयों तथा शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के उपायों पर विस्तारपूर्वक सकारात्मक चर्चा भी हुई।
इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने शिक्षा मंत्री को निजी विद्यालयों की प्रमुख समस्याओं एवं मांगों से संबंधित विस्तृत मांग-पत्र भी सौंपा। उन्होंने कहा कि बिहार के छोटे एवं मध्यम निजी विद्यालय सीमित संसाधनों के बावजूद लाखों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इसके साथ ही ये विद्यालय रोजगार सृजन तथा आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में भी महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
मांग-पत्र में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निजी विद्यालयों की वर्षों से लंबित प्रतिपूर्ति राशि का शीघ्र एवं एकमुश्त भुगतान करने तथा बढ़ती महँगाई, शिक्षकों के वेतन और विद्यालय संचालन की लागत को देखते हुए प्रति विद्यार्थी प्रतिपूर्ति दर में उचित वृद्धि करने की मांग प्रमुखता से रखी गई।
एसोसिएशन ने शैक्षणिक सत्र 2019–20 से लंबित आरटीई प्रविष्टियों के लिए पोर्टल पुनः खोलने तथा आरटीई नामांकन प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और विद्यालय-अनुकूल बनाने का भी अनुरोध किया। इसके साथ ही जिला स्तर पर अनावश्यक हस्तक्षेप, विलंब और विद्यालयों के उत्पीड़न की शिकायतों के समाधान हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश एवं प्रभावी शिकायत-निवारण व्यवस्था लागू करने की मांग की गई।
मान्यता एवं नवीनीकरण की जटिल प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए सैयद शमायल अहमद ने इसे पूर्णतः ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि आवश्यक दस्तावेजों की स्पष्ट सूची जारी की जाए और विद्यालयों को अलग-अलग कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाने के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर प्रभावी ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ स्थापित किया जाए।
मांग-पत्र में यू-डायस प्लस, अपार आईडी, ई-शिक्षा कोष, आधार सत्यापन एवं अन्य ऑनलाइन शिक्षा पोर्टलों के एकीकरण का सुझाव भी दिया गया। एसोसिएशन ने कहा कि एक ही जानकारी बार-बार भरने से विद्यालयों पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ता है। इसलिए तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु जिला स्तर पर सहायता केंद्र स्थापित किए जाने चाहिए।
विद्यार्थियों के हित में कक्षा द्वितीय से अष्टम तक ऑनलाइन नामांकन के लिए पर्याप्त समय देने तथा जन्मतिथि, आधार संख्या, माता-पिता के नाम एवं अन्य विवरणों में वास्तविक त्रुटियों को प्रमाण-पत्रों के आधार पर सुधारने की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।
स्कूल बसों के संबंध में एसोसिएशन ने कहा कि उनका संचालन बच्चों की सुरक्षा एवं शैक्षणिक आवश्यकताओं के लिए होता है। इसलिए स्कूल बसों को सामान्य व्यावसायिक वाहनों से अलग श्रेणी में रखते हुए फिटनेस, परमिट, कर एवं अन्य प्रक्रियाओं के लिए सरल, सुरक्षित और व्यावहारिक परिवहन नीति बनाई जाए।
निजी विद्यालयों से संबंधित नीतिगत निर्णयों के लिए शिक्षा विभाग और विद्यालय संगठनों की संयुक्त स्थायी परामर्श समिति गठित करने की मांग रखी गई।
माननीय शिक्षा मंत्री ने सभी मांगों एवं सुझावों को गंभीरतापूर्वक सुना और निजी विद्यालयों की न्यायोचित समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।
सैयद शमायल अहमद ने कहा, “सरकार और निजी विद्यालयों के बीच बेहतर संवाद एवं समन्वय से बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है। हमें पूर्ण विश्वास है कि माननीय शिक्षा मंत्री के कुशल नेतृत्व एवं सकारात्मक सहयोग से निजी विद्यालयों की समस्याओं का सार्थक समाधान होगा।”



