पुरानी पेंशन समेत अनेक मांगों को लेकर 22 – 23 जून को भदोही सम्मेलन में दहाड़ेगी हिंद मजदूर किसान पंचायत
सुनील बाजपेई
कानपुर। हिन्द मजदूर किसान पंचायत उत्तर प्रदेश की कार्य समिति के साथ ही उसका और प्रतिनिधि सम्मेलन भी आगामी 22 व 23 जून 2025 को भदौही आयोजित किया जाएगा। इसके लिए युद्ध स्तर पर सारी तैयारी को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर को भी आमंत्रित किया गया है।
राष्ट्रीय सचिव व प्रदेश महामंत्री राकेशमणि पाण्डेय ने बताया कि इस दो दिवसीय सम्मेलन में प्रदेश के 300 से अधिक प्रतिनिधि सम्मिलित होंगे।
इस सम्मेलन के उद्देश्य की चर्चा करते हुए वरिष्ठ श्रमिक नेता राकेश मणि पांडेय ने बताया कि यह सम्मेलन ऐसी स्थितियों में हो रहा है जब देश व प्रदेश में मजदूरों व उनके संगठनों की स्थिति अत्यन्त दयनीय हो रही है। समुचा कामगार वर्ग हर क्षेत्र में निजी क्षेत्र की और बढ़ ही नहीं रहा है बल्कि कब्जा कर रहा है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक और निगमों में यहां तक की न्यायालय व सरकारी कार्यालय अस्पताल और अन्य क्षेत्रों में आउट सोरसिंग के माध्यम से नियुक्तियां करते हुए नियमित पदों को समाप्त किया जा रहा है।
अनेक श्रमिक आंदोलन के सफल अगुआकार
राकेश मणि पांडे के मुताबिक सरकारी व गैर सरकारी विभागो में 10 वर्षों से कार्यरत आउट सोरसिंग कर्मचारियों को बिना कोई हितलाभ दिये, बिना कोई नोटिस दिये, बिना क्षतिपूर्ति दिये उनकी सेवाये समाप्त कर दी जाती हैं, जिससे वह अपने पारिवारिक अजीविका के लिए बदहाली में बदल जाता है। उन्होंने कहा कि इस बारे में सरकार द्वारा कर्मचारियों के हित में की गई घोषणा भी अब केवल कागजों पर ही सिमट कर रह गई है।
श्रमिक नेता राकेश मणि पांडेय ने यह भी कहा कि हिन्द मजदूर किसान पंचायत ऐसे किसी भी बन्द का समर्थन नहीं करती। जो देश के मजदूरों की गिरती स्थिति और आपसी खीचातान और संगठनों में वास्तविक तालमेल न होने का कारण हैं। उन्होंने कहा कि हिंद मजदूर किसान पंचायत मजदूर आन्दोलन को सशक्त बनाने और वास्तविक परिर्वतन के लिए उस हर अनिश्चित कालीन आन्दोलन व बन्द का समर्थन करती है, जो जार्ज फर्नाडिस के उद्देश्यों की पूर्ति करती है।
चर्चित श्रमिक नेता राकेश मणि पांडे ने बताया कि 22 और 23 जून को आयोजित होने वाले प्रदेश के प्रतिनिधि सम्मेलन में मजदूरों की स्थिति ,सरकार द्वारा बनाये गये कानून नियमित व आवश्यक रूप से प्रति 05 वर्ष में वेतन पुनरीक्षण व पुरानी पेंशन बहाली और राष्ट्रीय वेतन आयोग एक सामान वेतन न्यूनतम रू0 21000/- देने और न्यूनतम व अनिवार्य पेंशन रू0 7500/- सभी कर्मचारियों को दिये जाने के लिए आन्दोलन की रूप रेखा तैयार करते हुए अगली रणनीति को अमली जामा पहनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन की सफलता के लिए प्रदेश अध्यक्ष हसनैन अंसारी द्वारा 10 सदस्यसीय स्वागत समिति का भी गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन में प्रदेश के समस्त जिलों के रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जायेगी।
वरिष्ठ श्रमिक और मजदूर नेता राकेश मणि पांडे ने बताया कि इस सम्मेलन के उद्घाटन के लिए मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर को भी आमंत्रित किया गया है जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में एनएफआईटीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. दीपक जायसवाल शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में अखबार, रेल, आंगनबाड़ी, इंजीनियरिंग, होटल, कालीन निर्माता, कैमिकल, आटो इंजीनियरिंग, रोडवेज, पीडब्लूडी, जल निगम, टॉवर, कोरियर, अस्पताल, आपातकालीन सेवा, वन विभाग, आटो टैक्सी यूनियन, परिवहन विभाग और कृषि मजदूरों, निगम क्षेत्र व बिजली क्षेत्र के सैकड़ों प्रतिनिधि भी रहेंगे। इसका समापन हिन्द मजदूर किसान पंचायत के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री मलगी करेंगे।


