आषाढ़ श्री गणेश चतुर्थी के पूजन व शिव पार्वती नंदन श्री गणेश की शरण में जाने से मिलती है कष्टों से मुक्ति : महंत जगन्नाथ पुरी
आषाढ़ श्री गणेश चतुर्थी पर महंत जगन्नाथ ने बताया भगवान गणेश की पूजा विशेष महत्व
अश्विनी वालिया
कुरुक्षेत्र, 14 जून : अखिल भारतीय श्री मारकंडेश्वर जनसेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत जगन्नाथ पुरी ने बताया कि सृष्टि के सभी देवी देवता में प्रथम आराधनीय एवं भगवान शिव पार्वती नंदन श्री गणेश की शरण में जाने से सब कष्टों से मुक्ति मिलती है। उन्होंने बताया कि आषाढ़ श्री गणेश चतुर्थी के दिन तो श्री विध्नहर्ता गणेश की पूजा- अर्चना और व्रत करने से मनुष्य के सभी दुख दर्द दूर होते हैं। श्री मारकंडेश्वर महादेव मंदिर ठसका मीरां जी में शनिवार को आषाढ़ श्री गणेश चतुर्थी के अवसर पर महंत जगन्नाथ पुरी व अन्य संतों द्वारा विधिवत मंत्रोच्चारण के साथ विशेष पूजन किया गया। महंत जगन्नाथ पुरी ने बताया कि आषाढ़ महीने की श्री गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा करने से विघ्नहर्ता अपने भक्तों के सभी कष्टों को दूर करते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। यह दिन भगवान शिव और पार्वती के पुत्र गणेश जी को समर्पित है।भगवान गणेश को समर्पित एक महत्वपूर्ण पर्व है। जो भक्त भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। भगवान श्री गणेश भगवान की उपासना करता है, उसके जीवन के सभी संकट टल जाते हैं। महंत जगन्नाथ पुरी ने बताया कि इस दिन पूजन व भगवान श्री गणेश की शरण में जाने से अपयश और बदनामी के योग कट जाते हैं। हर तरह के कार्यों की बाधा दूर होती है। साथ ही धन तथा कर्ज सम्बन्धी समस्याओं से मुक्ति होती है। भगवान श्री गणेश हमेशा अपने भक्तों का कल्याण करते हैं। इस मौके पर स्वामी पृथ्वी पुरी, स्वामी संतोषानंद, स्वामी रामनाथ पुरी, स्वामी करुण दास, दीप चंद, मनोहर लाल, बिल्लू पुजारी, कविता व सुषमा इत्यादि भी मौजूद रहे।




