*फुरसत के पल बिताने या ऐश करने के लिए नहीं है अन्नपूर्णा भंडार’, -मंत्री दिलीप घोष
* गलत रूप से लिए गये लक्ष्मी भंडार का पैसा लौटाना होगा
अजित प्रसाद/कोलकाता: पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने राज्य की बहुचर्चित ‘लक्ष्मी भंडार’ और नई ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना को लेकर एक बेहद कड़ा और बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि सरकारी योजनाओं का पैसा किसी भी तरह के ‘फालतू खर्च या फूर्ति करने के लिए’ नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि किन लोगों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा और किन्हें ‘लक्ष्मी भंडार’ का पैसा वापस लौटाना पड़ सकता है।
मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए दिलीप घोष ने पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के दौरान योजनाओं में हुई वित्तीय अनियमितताओं पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकारी सहायता केवल वास्तविक हकदारों और देश के वैध नागरिकों के लिए है।
किन्हें लौटाना होगा पैसा और कौन होगा योजना से बाहर?
मंत्री दिलीप घोष के बयान के अनुसार, निम्नलिखित श्रेणियों में आने वाले लोगों को योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा और अवैध रूप से लाभ उठाने वालों पर कार्रवाई होगी:
गैर-भारतीय नागरिक (Non-Citizens): दिलीप घोष ने स्पष्ट कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की किसी भी योजना का लाभ पाने के लिए पहली शर्त ‘भारत का नागरिक’ होना है। जिन लोगों के पास वैध भारतीय नागरिकता नहीं है, वे इस योजना से तुरंत बाहर किए जाएंगे।
अवैध रूप से लाभ उठाने वाले (अपात्र लोग): जो लोग नियमों को ताक पर रखकर या गलत दस्तावेज देकर ‘लक्ष्मी भंडार’ का लाभ उठा रहे थे, उन्हें चिह्नित कर उनसे पैसे की रिकवरी (वापसी) की जाएगी।
सीएए (CAA) के तहत पंजीकरण न कराने वाले: उन्होंने कहा कि बांग्लादेश या पाकिस्तान से आए जो हिंदू शरणार्थी अभी तक नागरिकता से वंचित हैं, उन्हें ‘अन्नपूर्णा भंडार’ या अन्य सरकारी लाभ प्राप्त करने के लिए सीएए (CAA) के तहत तत्काल पंजीकरण कराना होगा।
‘अन्नपूर्णा भंडार’ में मिलेंगे ३००० रुपये, पर पारदर्शिता जरूरी
मंत्री ने जोर देकर कहा कि भाजपा सरकार के वादे के मुताबिक जून महीने से महिलाओं को ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना के तहत प्रति माह ३००० रुपये दिए जाने की प्रक्रिया और फॉर्म फिलअप शुरू हो चुका है। लेकिन, यह जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा है, जिसे किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या गलत हाथों में जाने नहीं दिया जाएगा।
दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार में भ्रष्टाचार ऊपर से नीचे तक व्याप्त था और सरकारी योजनाओं के पैसों की भारी लूट मची थी। उन्होंने चेतावनी दी कि नए नियमों के तहत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और नागरिकता के दस्तावेजों की कड़ी स्क्रूटनी (जांच) की जाएगी, जिससे अपात्र लोग व्यवस्था से बाहर हो जाएंगे।



