दिन में लाइट, रात में अंधेरा – हाई मास्क व्यवस्था सवालों के घेरे में

 

_विशेष संवाददाता – बगहा पश्चिम चंपारण,बिहार_ बगहा नगर परिषद क्षेत्र में आमजन की सुविधा, सुरक्षा और शहर की सुंदरता को ध्यान में रखते हुए आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर हाई मास्क लाइटें लगाई गई हैं। ये लाइटें सांसद निधि और विधायक निधि से स्थापित की गई थीं ताकि रात के अंधेरे में लोग सुरक्षित और आसानी से आवागमन कर सकें।

हालांकि इन हाई मास्क लाइटों का उद्देश्य जितना उज्ज्वल था, उनका संचालन उतना ही अंधकारमय हो गया है। इन लाइटों का हाल यह है कि वे रात में जलें या न जलें, दिन के उजाले में जरूर जलती हैं। जैसे ही बिजली आती है, ये लाइटें खुद-ब-खुद जल उठती हैं। इससे दिन में भी भारी मात्रा में बिजली की खपत हो रही है, जो सीधे नगर परिषद की अर्थव्यवस्था पर बोझ बनता जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों और जागरूक समाजसेवियों का कहना है कि यह विभागीय लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण है। न तो इनके संचालन की कोई नियमित निगरानी हो रही है, न ही समय पर इन्हें चालू या बंद करने की कोई व्यवस्था है।

प्रशासनिक लापरवाही की वजह से नगर परिषद को बेवजह विद्युत बिल का बोझ उठाना पड़ रहा है, जबकि इन लाइटों की असली जरूरत रात के समय होती है।बगहा नगर परिषद के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस समस्या की जानकारी विभाग को है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि इन हाई मास्क लाइटों को ऑटोमेटिक टाइमर या सेंसर से जोड़ा जाए, जिससे दिन में यह अपने आप बंद रहें और रात में जरूरत अनुसार चालू हों।
जब तक इस पर गंभीरता से कदम नहीं उठाया जाता, तब तक यह लाइटें सुविधा की जगह असुविधा, और सौंदर्य की जगह फिजूलखर्ची का प्रतीक बनी रहेंगी।

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