बिहार विधानसभा चुनाव: अपराध और राजनीति यह सबसे खुशी की बात है!

 

राजीव कुमार झा

माज में @सारे लोगों के लिए सम्मान जीवन में जरूरी है। हाल में अशोक महतो के अपमानजनक फोटो फेसबुक पर वायरल हुए हैं। यह सब अनुचित है। उनके जीवन में काफी बदलाव आया है। जीवन में कभी व्यक्ति को अनिच्छा से अपमान भी झेलना पड़ता है और समाज में उसका फिर सामंजस्य भी कायम होता है। अशोक महतो को भी लोग नीचा नहीं दिखाएं और समाज में संख्या के हिसाब से कुछ कमजोर जाति के लोगों के विरुद्ध अशोक महतो भी अपमानजनक भाषा का प्रयोग नहीं करें। मनुष्य की भाषा ही समाज में उसे प्रतिष्ठित करती है। भारत के लोकतंत्र में जाति और धर्म के नाम पर लोग संगठित होते हैं और इससे यहां विघटन क़ायम होता है। बिहार जातिवाद से सारे देश में पिछड़ता चला गया और यह अपराध का गढ़ बन गया। यहां व्यवस्था कमजोर पड़ती चली गई। इससे सबका नुकसान हुआ। हम मनुष्य को अपराधी नहीं मानते हैं और अपराध से आदमी समाज में खुद को ताकतवर नहीं बना सकता है। यहां अपने अच्छे आचार विचार से मनुष्य समाज में प्रतिष्ठा पाता है। अशोक महतो हों या अखिलेश सिंह हों इन सबको उत्साह से चुनाव लड़ना चाहिए और जनता का निर्णय ही इसमें सर्वोपरि होगा। अपराध में आने वाले लोगों को पुलिस की धड़पकड़ का सामना करना ही पड़ता है और इससे लोगों को न्यायालय बाहर आकर भी जीवन व्यतीत करने का मौका देती है। यह सबसे खुशी की बात है।

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