ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और जनहितकारी बनाने की दिशा में डी0एम0 की सतत पहल

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण कर दिए जरूरी दिशा-निर्देश

 

*मरीजों को बाहर की दवा न लिखने के निर्देश, जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण व परिसर सुधार पर बल* *मोतिकपुर पीएचसी: डॉक्टर की उपस्थिति पर कारण बताओं नोटिस जारी करते हुए वेतन बाधित करने के निर्देश*

*बलवान सिंह ब्यूरो चीफ बाराबंकी* बाराबंकी,-जनपद में जनस्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़, सुलभ और जवाबदेह बनाने की दिशा में जिलाधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी द्वारा लगातार स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अवधेश यादव व संबंधित विकास खण्ड अधिकारियों के साथ हरख सिद्धौर एवं हैदरगढ़ विकास खण्डों के अंतर्गत विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।

*हरख पीएचसी से निरीक्षण की शुरुआत — जर्जर भवनों को ढहाने व कंडम सामान की नीलामी के निर्देश*

निरीक्षण की शुरुआत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरख से की गई, जहां जिलाधिकारी ने परिसर में स्थित जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान बड़ी मात्रा में अनुपयोगी एवं कंडम सामग्री पाई गई, जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने तत्काल इसकी नीलामी कर परिसर को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र में उपलब्ध दवाओं की सूची पूर्ण होनी चाहिए और ओपीडी में आने वाले किसी भी मरीज को बाहर से दवा न लिखी जाए। सभी प्रकार की आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहनी चाहिए।

*सेमरावां पीएचसी: पहुंच मार्ग को बेहतर बनाने व साफ-सफाई पर विशेष बल*

जिलाधिकारी ने सिद्धौर विकासखंड के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरावां का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने वाले मार्ग को सुगम बनाया जाए। साथ ही परिसर में साफ-सफाई, ओपीडी की स्थिति व दवाओं की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए मरीजों को गुणवत्तापूर्ण सेवा देने पर बल दिया।

*मोतिकपुर पीएचसी: झाड़-झंखाड़ देखकर नाराजगी, डॉक्टर की उपस्थिति पर कारण बताओं नोटिस जारी करते हुए वेतन बाधित करने के निर्देश*

इसके पश्चात जिलाधिकारी ने सिद्धौर क्षेत्र के पी0एच0सी0 मोतिकपुर का निरीक्षण किया, जहां परिसर में झाड़-झंखाड़ की स्थिति पाई गई। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि गैंग लगाकर परिसर की तत्काल सफाई करवाई जाए। ग्रामीणों से संवाद के दौरान डॉक्टर की अनुपलब्धता की शिकायत सामने आई, जिस पर जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देशित किया कि संबन्धित को डॉक्टर कारण बताओं नोटिस जारी करते हुए वेतन अग्रिम आदेशों तक बाधित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम्य स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण स्वास्थ्य प्रणाली की सबसे छोटी लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण इकाई है, जहां यदि सेवा संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ दी जाए तो बड़ी आबादी को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाया जा सकता है।

*फतेहगंज पीएचसी: ग्रामीणों से संवाद, सेवाओं की सराहना*

हैदरगढ़ विकासखंड के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहगंज के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने श्री गौरीशंकर शर्मा, शिव शंकर सहित अन्य ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने केंद्र पर मिल रही चिकित्सा सेवाओं की सराहना करते हुए प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

*पी0एच0सी0 टीकारामन व उप स्वास्थ्य केंद्र बेहटा का निरीक्षण- संवेदनशील व्यवहार और पूर्ण सहयोग के निर्देश*

निरीक्षण के अंतिम चरण में जिलाधिकारी ने टीकारामन पीएचसी और आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र बेहटा का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों से कहा कि केंद्र पर आने वाले हर मरीज को उचित परामर्श, जांच और दवाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही मरीजों से संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार किया जाए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सभी केंद्रों को साफ-सुथरा रखने, रजिस्टरों के अद्यतन संधारण, बायोमेडिकल वेस्ट के समुचित निस्तारण तथा शासन द्वारा प्रदत्त सुविधाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

इस दौरान उपजिलाधिकारी हैदरगढ़ श्री शम्स तबरेज खां, संबंधित खंड विकास अधिकारी व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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