पटना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त पिछड़ेपन:
आगामी विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के लिए बिहार की वर्तमान सरकार और इसके आकाओं के पास अभी भी वक्त है!
दानापुर रेल मंडल का उपेक्षित स्टेशन: रामपुर डुमरा
बिहार में मोकामा – किउल रेलखंड पर स्थित रामपुर डुमरा जंक्शन रेलवे स्टेशन का हाल के सालों में काफी विकास हुआ है। इसी स्टेशन से किउल से आने वाली रेलगाड़ियां पटना और बरौनी इन दो दिशाओं में आगे बढ़ती हैं लेकिन रामपुर डुमरा जंक्शन को आजादी के इतने सालों के बाद भी एन एच 80 से सड़क संपर्क की
सुविधा प्राप्त नहीं हुई है। यहां काफी कम ट्रेनों का ठहराव है। खैर जो भी हो इतना तो दानापुर रेल मंडल के अधिकारियों को मानना ही पड़ेगा कि सड़क संपर्क की सुविधा तो सारे स्टेशनों को मिलना चाहिए। रामपुर डुमरा स्टेशन पर कुछ पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव है और आसपास के गांवों के लोग यहां ट्रेन पकड़ने आते हैं। बादपुर को इस स्टेशन का निकटतम गांव कहा जा सकता है और बिहार के वर्तमान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का भी यह गांव है लेकिन रामपुर डुमरा को एन एच 80 से जोड़ने की दिशा में उनके द्वारा भी कोई पहल नहीं की गयी है और यह स्टेशन उपेक्षा का शिकार बना उद्धार की बाट जोह रहा है। पटना जिला प्रशासन को भी इसके लिए प्रयास करना चाहिए। रेलवे स्टेशन तक सड़क निर्माण का दायित्व राज्य सरकार का दायित्व है और पिछले सालों में पटना जिला प्रशासन शहर से बाहर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण को लेकर बिल्कुल उदासीन रहा है । वर्तमान समय में पथ निर्माण मंत्री के रूप में अशोक चौधरी ने पटना शहर में सड़क निर्माण की काफी बड़ी – बड़ी योजनाओं को शुरू किया लेकिन शहर से बाहर की सड़क विकास योजनाएं अभी भी राज्य सरकार के ठंडे बस्ते में पड़ी हैं। यह संभव है कि राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों में रामपुर डुमरा जैसे दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त पिछड़ेपन और सड़क विकास की उपेक्षा से इस बार जदयू – भाजपा सरकार को पराजय का मुंह देखना पड़े लेकिन इसके लिए आखिर किसे जिम्मेदार माना जाएगा और जाहिर है कि बिहार की मौजूदा सरकार और इसके आकाओं के पास अभी भी वक्त है!



