बाल दुर्व्यापार से निपटने के लिए कार्रवाई की सख्त जरूरत
मानव दुर्व्यापार विरोधी दिवस पर वैशाली समाज कल्याण संस्थान की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों और समाजसेवियों ने लिया हिस्सा
नन्दकिशोर दास
बेगूसराय ब्यूरो। मानव दुर्व्यापार विरोधी दिवस पर वैशाली समाज कल्याण संस्थान ने बच्चों की सुरक्षा के लिए समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया है। कार्यक्रम में बाल संरक्षण और बाल अधिकारों के क्षेत्र से जुड़े सभी प्रमुख हितधारक एक साथ शामिल हुए। इस कार्यक्रम में सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई, प्रखंड श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, जिला बाल कल्याण समिति, रेलवे पुलिस फोर्स बेगूसराय एवं बरौनी, श्रम संसाधन विभाग, एसओएस बाल ग्राम के प्रतिनिधि, भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधि, सीटू राज्य सचिव सह जिला परिषद के सदस्य, वार्ड पार्षद नगर निगम बेगूसराय, पंचायत प्रतिनिधि जीविका एवं बचपन बचाओ आंदोलन के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। एक सुर से स्वीकार किया कि बाल दुर्व्यापार यानी बच्चों की ट्रैफिकिंग से निपटने के लिए सभी एजेंसियों व विभागों को साथ मिलकर कार्रवाई करने की सख्त जरूरत है, ताकि ट्रैफिकिंग गिरोहों में कानून का भय पैदा हो सके। वैशाली समाज कल्याण संस्थान देश में बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है। जो बेगूसराय में बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए काम कर रहा है। जेआरसी बाल श्रम, बच्चों की ट्रैफिकिंग, बाल विवाह और बाल यौन शोषण के शिकार बच्चों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। बच्चों की ट्रैफिकिंग से निपटने में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने सामूहिक रूप से यह माना कि मौजूदा कानूनों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संवेदनशील तबकों को ट्रैफिकिंग गिरोहों और उनके कामकाज के तरीकों के बारे में संवेदनशील बनाना और सभी एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना तत्काल जरूरी है। ताकि मुक्त कराए गए बच्चों के लिए तय समय सीमा में न्याय और पुनर्वास सुनिश्चित किया जा सके। वैशाली समाज कल्याण संस्थान ने पिछले वर्ष के दौरान 106 बच्चों को बाल श्रम, ट्रैफिकिंग और बाल विवाह से बचाया है। संगठन ने यह रेखांकित किया कि बच्चों की ट्रैफिकिंग केवल बाल मजदूरी या मुनाफे के लिए यौन शोषण तक ही सीमित नहीं है। बहुत से बच्चे, खास तौर से लड़कियां, जबरन विवाह के लिए भी ट्रैफिकिंग का शिकार बनती हैं। यह एक ऐसी समस्या है, जिसके बारे में कम ही चर्चा की जाती है और रोकथाम के उपायों पर भी ज्यादा बात नहीं होती हैं। संस्थान ने रेलवे सुरक्षा बल के साथ मिलकर बच्चों की ट्रैफिकिंग के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए रेलवे स्टेशनों पर अभियान चलाया। चूंकि ट्रैफिकिंग गिरोह अक्सर बच्चों को दूसरे राज्य ले जाने के लिए रेल मार्ग का उपयोग करते हैं, इसलिए इस अभियान का फोकस यात्रियों, रेल कर्मियों, विक्रेताओं, दुकानदारों और कुलियों को बाल तस्करी के संकेतों की पहचान करने और संदिग्ध मामलों की सुरक्षित रूप से रिपोर्ट करने के लिए संवेदनशील बनाना था। बच्चों की सुरक्षा के लिए हितधारकों के बीच तालमेल व समन्वय की अहमियत और जिला प्रशासन के सहयोग को रेखांकित करते हुए संस्थान के सीईओ कौशल किशोर विकल ने कहा कि अगर बच्चों की ट्रैफिकिंग रोकना है तो कानूनी कार्रवाई जरूरी है। बाल दुर्व्यापारियों को जब शीघ्र और सख्त सजा मिलेगी, तभी हम उनमें कानून का भय पैदा कर पाएंगे और यह भय ट्रैफिकिंग की रोकथाम के लिए सबसे असरदार उपाय साबित होगा। रोकथाम अभियानों की सफलता के लिए जिले में मजबूत प्रशासनिक समन्वय और समयबद्ध कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। इस तरह से काम कर हम न सिर्फ बच्चों की सुरक्षा बल्कि उन ट्रैफिकिंग गिरोहों के नेटवर्क का भी खात्मा कर सकेंगे जो बच्चों का शिकार करते हैं। श्रम संसाधन विभाग बेगूसराय के संयुक्त श्रम भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सबसे दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुरुआत किया जिसकी अध्यक्षता श्रम अधीक्षक दुर्गा शंकर प्रसाद के द्वारा किया गया। संस्थान के सीईओ कौशल किशोर विकल ने अतिथियों को बुके, अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में सीटू के राज्य सचिव सह जिला पार्षद अंजनी कुमार सिंह, जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य लता कुमारी, रेलवे सुरक्षा बल/पोस्ट बरौनी के प्रभारी लोकेश्वर प्रसाद, बेगूसराय रेलवे स्टेशन के आरपीएफ पोस्ट प्रभारी अरविंद कुमार सिंह ने विचार व्यक्त किया। मौके पर नगर परिषद के वार्ड पार्षद डा. शगुफ्ता ताजवर, श्रम अधीक्षक दुर्गा शंकर प्रसाद, एनसीएलपी के प्रतिनिधि रामानंद सागर, एबीए के जिला प्रतिनिधि युसफ इक़बाल, एसओएस बाल ग्राम के समन्वयक सुभाष पांड्या, भारतीय मजदूर संघ के सुनील कुमार सिंह, संस्थान के सपोर्ट पर्सन राजमणि रंजन, समन्वयक सिद्धांत, समाजसेवी धीरेन्द्र कुमार सिंह, वार्ड पार्षद पूजा कुमारी, पूनम कुमारी, सामुदायिक कार्यकर्ता सरिता रिंकू कुमारी उपस्थित थी।




