राम मंदिर दान पात्र विवाद, जांच के लिए एसआईटी गठित

वित्तीय लेन.देन और संपत्ति को सार्वजनिक करने की मांग

भारत पोस्ट संवाददाता
लखनऊ। योगी सरकार ने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली एसआईटी बनाई है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने यह कमेटी बनाई है। कमेटी को जल्द से जल्द अपनी शुरुआती और अंतिम रिपोर्ट सौंपनी है। कमेटी में विजय विश्वास पंत आईएएस डिविज़नल कमिश्नर, लखनऊ, किरण एस आईपीएस आईजी रेंज और नील रतन, विशेष सचिव, वित्त शामिल है।
बीजेपी के नेता रजनीश सिंह ने अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के बनने के समय से लेकर अब तक के सभी वित्तीय लेन.देन और संपत्ति को सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने भगवान राम को सत्य, धर्म और जन.कल्याण का प्रतीक बताते हुए कहा कि राम के नाम पर काम करने वाली संस्थाओं को पारदर्शिता के उच्चतम मानकों का पालन करना चाहिए।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण समिति के प्रमुख नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि उनकी भूमिका सिर्फ निर्माण कार्य की देखरेख करने तक ही सीमित है। उन्होंने मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी और पैसों में गड़बड़ी के आरोपों पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. मंदिर में कथित दान घोटाले के बारे में पूछे जाने मिश्र ने कहा, मैं सिर्फ निर्माण कार्य देखता हूं। और कुछ नहीं. उन्होंने दान घोटाले से जुड़े सवालों पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

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