SIR सुनवाई में उमड़ी भीड़, ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर पहुंचे दिव्यांग
अजित प्रसाद,बसीरहाट (उत्तर 24 परगना,पश्चिम बंगाल ) : पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बसीरहाट में दस्तावेजों की सुनवाई (Hearing) के अंतिम दिन भारी अव्यवस्था और मानवीय कष्ट का मंजर देखने को मिला। अपनी नागरिकता साबित करने की जद्दोजहद में कोई व्हीलचेयर पर तो कोई ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे सुनवाई केंद्र पहुंचा। इसी दौरान लाइन में खड़ी एक 55 वर्षीय महिला अचानक बीमार पड़ गई, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।
बसीरहाट 1 नंबर ब्लॉक के बीडीओ (BDO) कार्यालय में गुरुवार सुबह से ही हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुंदरबन के सीमावर्ती इलाकों से आए लोग अपने दस्तावेजों के साथ घंटों लाइन में खड़े रहे। इसी भीड़ के बीच सलमा बीबी (55) नामक महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों के अनुसार, दम फूलने और ब्लड प्रेशर गिरने के कारण वह बेहोश हो गई। उन्हें तुरंत बसीरहाट स्वास्थ्य जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है।
सुनवाई केंद्र पर एक युवक को अपनी नाक में ऑक्सीजन की नली लगाए और बगल में ऑक्सीजन सिलेंडर रखे व्हीलचेयर पर बैठे देखा गया। उसके साथ उसकी पत्नी भी थी। इसके अलावा, साबित अली गाजी जैसे कई दिव्यांग और बुजुर्ग कड़ाके की धूप और भीड़ के बीच अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। उन्होंने क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा, “शारीरिक अक्षमता के बावजूद हम यहाँ अपनी नागरिकता का प्रमाण देने आए हैं, लेकिन यहाँ का नजारा बेहद डरावना है।”
सुनवाई के दौरान शरीफुल गाजी और समीना बीबी नामक एक दृष्टिहीन दंपत्ति भी पहुंचे। समीना बीबी ने बताया, “मेरे पति देख नहीं सकते, मैं खुद दिव्यांग हूँ। हम भीख मांगकर गुजारा करते हैं। नाम कटने के डर से यहाँ आए हैं, लेकिन दोपहर के खाने का भी ठिकाना नहीं है। आम लोगों को इस तरह परेशान किया जा रहा है।”
भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए प्रशासनिक सूत्रों से खबर मिली है कि:
सुनवाई की प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण दो अतिरिक्त दिन का समय दिया गया है।
बीडीओ कार्यालय में उमड़ी भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है।
दिव्यांगों और बीमारों के लिए प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की मांग उठ रही है।

