पीएम के वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट” व “अमृत भारत स्टेशन प्रोजेक्ट” की भ्रूण हत्या की एक सोची-समझी साजिश

"वर्ल्ड क्लास स्टेशन" की जगह "थर्ड क्लास स्टेशन" और "अमृत भारत स्टेशन" की जगह बना "भारत स्टेशन"

 

बेगूसराय भारत पोस्ट ब्यूरो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवनिर्मित सिक्स लेन पुल के उद्घाटन के लिए 22 अगस्त को बेगूसराय पहुंच रहे हैं।इस अवसर पर बेगूसराय के लोग खुश हैं, पर पीएम मोदी का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट “वर्ल्ड क्लास स्टेशन” और “अमृत भारत स्टेशन” प्रोजेक्ट के फर्स्ट लिस्ट में शामिल बेगूसराय रेलवे स्टेशन पर, अब तक काम शुरु नहीं होने पर आम लोग काफी हैरान, परेशान और दुखी भी हैं।

बेगूसराय स्टेशन पर प्लेटफार्मस की कमी, यात्री शेड का अभाव, एक दर्जन जोड़ी लंबी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेनों का स्टॉपेज, उपयुक्त व सुविधाजनक लोकल ट्रेनों की बेहद कमी, स्लीपर क्लास वेटिंग रूम की अनुपलब्धता, अपर क्लास वेटिंग रूम की भयावह स्थिति, अपर्याप्त सर्कुलेटिंग एरिया, प्लेटफार्मस पर शौचालय की अनुपलब्धता, प्रवेश और निकास द्वार की दयनीय स्थिति, उत्तर साईड में यात्री सेवाओं की अनुपलब्धता इत्यादि से जूझ रहे बेगूसराय के लाखों लोगों के बीच “वर्ल्ड क्लास” व “अमृत भारत” स्टेशन प्रोजेक्ट्स में शामिल किए जाने की घोषणा के बाद काफी उम्मीद जगी थी। तदनुसार अखबारों में सिर्फ खबरें ही प्रकाशित नहीं हुई, बल्कि रेल मंत्रालय ने इस कार्य के लिए अपने “रेल भूमि विकास प्राधिकरण” के माध्यम से अखबारों में विज्ञापन भी प्रकाशित करवाया था। कई बार दूरबीन-मापक लगा-लगाकर मापी हुआ और नक्शा बना तथा अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया। बार-बार आश्वासन भी दिया गया, पर काम में प्रगति शून्य ही रही। … और अब स्टेशन को “वर्ल्ड क्लास स्टेशन” की जगह “थर्ड क्लास स्टेशन” और “अमृत भारत स्टेशन” की जगह आम जनता के लिये “भारत स्टेशन” बनाने के लिए बाघा गुमटी से लोहियानगर गुमटी तक पूरे फ्रंट भाग के प्राईम प्रोपर्टी (जमीन) को किसी ठेकेदार को गुमटी, ठेला इत्यादि जैसी छोटी दुकान लगवाकर पैसा कमाने के लिए दिया जा रहा है। कहने के लिए तो यह पट्टा फिलहाल सिर्फ 3 वर्ष के लिए ही है, पर ठेका-पट्टा वालों से कुछ ले-देकर एग्रीमेंट बढाना अफसरों के लिये आम बात है। यदि पट्टाधारी को एक्सटेंशन नहीं संभव होता है तो कोर्ट भेजकर स्टे दिलवा देने का जुगाड़ भी वही “मैनेज” कर या करवा देते हैं। यहां विचारणीय विषय यह भी है, कि ऐसी क्या हडबडी या मजबूरी आ गई है कि अचानक से मात्र दो-तीन दिन की नोटिस पर बेगूसराय शहर और रेलवे स्टेशन के सबसे स्ट्रेटेजिक प्लेस पर अवस्थित, सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण प्राईम प्रोपर्टी को इतनी जल्दबाजी में औने-पौने कीमत पर किसी ठेके-पट्टे वाले को सौंपने की साजिश रच दी गई है। जो ना सिर्फ स्टेशन के आऊटलूक, एंबीयेंस और एक्सपीरियंस को बर्बाद करने वाली सोच का हिस्सा है, बल्कि शायद यह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना “वर्ल्ड क्लास स्टेशन प्रोजेक्ट” व “अमृत भारत स्टेशन प्रोजेक्ट” की भ्रूण हत्या की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा भी है। पूमरे दैनिक रेल यात्री संघ बेगूसराय देश के प्रधानमंत्री, रेलमंत्री, मंत्रालय, रेलवे बोर्ड व पूमरे के महाप्रबंधक तथा सोनपुर डीआरएम के साथ-साथ बेगूसराय के सभी वर्तमान, भावी, निवर्तमान व पूर्व जनप्रतिनिधियों से विनम्र निवेदन करता है कि आम लोगों से जुड़े इस गंभीर व अत्यावश्यक मसले पर अविलंब संज्ञान लें। अन्यथा बेगूसराय की आम जनता उन्हें कभी भी माफ नहीं करेगी।

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