उम्मीदवार के रूप में चुनाव में लोग एक-दूसरे को डराने-धमकाने से दूर रहें!
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: लखीसराय
राजीव कुमार झा
लखीसराय के एसडीएम ने ऐलान कर दिया है कि अब लोग बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के उम्मीदवार के रूप में अपना पर्चा यानी नामांकन दाखिल करने उनके कार्यालय में पधार सकते हैं। उन्होंने इसके लिए जमानत की राशि लेकर आने के बारे में भी बताया है। यह बहुत महत्वपूर्ण प्रसंग है। इसमें लोगों को अर्थात् उम्मीदवारों को ध्यान रखना चाहिए कि वे रुपए पैसे को बर्बाद करने के लिए चुनाव नहीं लड़ें । हमारे समाज में राजनीति में जो लोग सक्रिय हैं, इसमें चुनाव में जीत दर्ज करने वाले लोगों को कई प्रकार की सुख सुविधा और पद प्रतिष्ठा प्राप्त होती है। अगर लोकतंत्र में संसदीय शासन की महती उपलब्धियों पर हम गौर करें तो यह महसूस होगा कि चुनाव में सांसद और विधायक बनने वाले लोग ही प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री भी बनते हैं इसलिए इसमें समाज के सभी तबकों के लोगों को सक्रिय देखा जाता है। बिहार के मौजूदा विधानसभा चुनाव में भी ऐसा देखा जा रहा है और इसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के अलग-अलग सामाजिक पृष्ठभूमि के लोग यहां शिरकत करते दिखाई दे रहे हैं। यह सब ईश्वर की अनुकंपा है कि बिहार में तमाम तरह की विसंगतियों के बीच लोग यहां राजनीति में सामंजस्य क़ायम करके लोकतंत्र के इस महापर्व को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। लखीसराय बिहार का अत्यंत पिछड़ा जिला है और यहां पिछले कुछ सालों में विकास के कार्य शुरू हुए हैं। यह सब शासन और प्रशासन की महती उपलब्धियों में शामिल तथ्य माने
जा सकते हैं। यहां के विधानसभा चुनाव काफी महत्वपूर्ण हैं और इसकी अपनी गरिमा है। लखीसराय में मतदाताओं को सोच समझकर अपनी-अपनी पार्टी अथवा अन्य उम्मीदवारों को वोट देना चाहिए। यहां पहले
कमजोर लोगों को काफी सताया भी जाता था और उनको वोट देने के लिए मतदान केंद्र पर जाने से रोका जाता था। यह सब बंद होना चाहिए और इसके बारे में प्रशासन को मुस्तैदी से गलत तत्वों की धड़पकड़ में भी जुट जाना चाहिए। लखीसराय से पहले काफी लोगों ने चुनाव जीता है। यहां वर्तमान में भाजपा पिछले चार-पांच विधानसभा चुनावों में जीतती रही है और अन्य अन्य पार्टियों की भी निरंतर दमदार उपस्थिति कायम रही है। यह मुकाबला इस बार भी देखने को मिलेगा और इसमें कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं होना चाहिए। चुनाव सभा के लिए सभी उम्मीदवारों को थाना और बीडीओ, सीओ के अलावा नगरपरिषदों के कार्यपालक अधिकारी से बुकिंग लेकर ही शहर और गांव के मैदानों का इस्तेमाल करना चाहिए और किसी भी दल के विरोधी उम्मीदवार के प्रति अपमानजनक भावों को प्रकट करने से बचना चाहिए।
सबकी अपनी प्रतिष्ठा है और लोग एक दूसरे को डराने-धमकाने से दूर रहें।

