ज्ञान ही नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला, संस्कार प्रदान करते हैं शिक्षक: प्रो. चन्द्रभूषण
शिक्षक दिवस पर जीडी कॉलेज में आयोजन, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने किया सम्मान
नन्दकिशोर दास
बेगूसराय ब्यूरो। जीडी कॉलेज में शिक्षक दिवस बड़े ही उत्साह, गरिमा और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर गुरुजनों को नमन किया और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट की।कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन सत्र में हुई। कॉलेज के सभागार को रंग-बिरंगे फूलों, पोस्टरों और स्लोगनों से सजाया गया था। स्वयंसेवकों ने सबसे पहले देश के प्रथम उपराष्ट्रपति, महान शिक्षक एवं दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके बाद सभी लोगों ने शिक्षकों के योगदान को याद किया।कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक दृश्य उस समय सामने आया, जब स्वयंसेवकों ने अपने गुरुजनों के चरण पखारकर उनका आशीर्वाद लिया। उसके उपरांत पुष्पगुच्छ भेंटकर शिक्षकों का अभिनंदन किया गया।विद्यार्थियों ने केक काटकर भी खुशियां साझा की, जिससे माहौल और अधिक उल्लासपूर्ण हो गया।समारोह में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंद्रभूषण प्रसाद सिन्हा ने शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक ही समाज के वास्तविक पथप्रदर्शक हैं। वे केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि जीवन जीने की कला, संस्कार और मूल्य भी प्रदान करते हैं। राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका आधारशिला के समान है। डॉ. राधाकृष्णन के आदर्श आज भी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
राष्ट्रीय सेवा योजना यूनिट एक की कार्यक्रम पदाधिकारी सह सेहत केंद्र की नोडल ऑफिसर डॉ. सहर अफ़रोज़ ने कहा कि शिक्षक केवल पढ़ाई-लिखाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे विद्यार्थियों के भविष्य निर्माता और समाज की धुरी हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना यूनिट दो के कार्यक्रम पदाधिकारी दिनेश कुमार ने स्वयंसेवकों को आशीर्वाद दिया और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। पियर एडुकेटर सुमित कुमार व अजित कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किया। इस मौके पर प्राचार्य चंद्रभूषण प्रसाद सिन्हा, अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अंजनी, हिंदी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अभिषेक कुंदन, संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शशिकान्त पांडे, अंग्रेजी विभाग की प्रोफेसर डॉ. स्वाति, डॉ. झा, पियर एडुकेटर सुमित कुमार, अजित कुमार, गुलशन कुमार मौजूद थे।




