उत्तरबंगाल-सिक्किम में मूसलधार बारिश का कहर! तिस्ता उफान पर, भूस्खलन से टूटी सड़कें, ग्रामीण जीवन अस्त-व्यस्त*
अजित प्रसाद /दार्जिलिंग / सिक्किम :
लगातार हो रही भारी बारिश ने उत्तरबंगाल और सिक्किम के जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। मंगलवार सुबह से ही तिस्ता नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि तिस्ता बाजार इलाके की सड़कों पर पानी भर जाने से दार्जिलिंग का संपर्क लगभग कट गया है। हालांकि कुछ वाहन खतरा उठाकर आवाजाही कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने इसे चिंताजनक स्थिति बताया है।
सिक्किम में सिंगताम-रंगपो राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-10) का 20वां माइल (बारडांग क्षेत्र) भारी भूस्खलन की चपेट में आने से पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। लगातार बारिश के कारण मलबा हटाने में भी मुश्किलें आ रही हैं। हालांकि, मौसम अनुकूल होने पर सड़क पूर्ण रूप से खोलने की उम्मीद जताई जा रही है।
भारी बारिश के चलते कई ग्रामीण सड़कें भी टूट गई हैं। पथश्री परियोजना के तहत बनी सिंगताम-टियाबाड़ी-साहिस धुरा सड़क बारिश में बह गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों की लापरवाही और अधूरी निर्माण कार्यों के कारण सड़कें इतने कमजोर हो गई हैं कि हर बारिश में टूट जाती हैं। इससे इलाके के लोग आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
बीती रात रिम्बिक-लोथोमा क्षेत्र के अपर लिंसिबॉन्ग गांव में हुए भूस्खलन से एक घर का रसोईघर पूरी तरह ध्वस्त हो गया। सौभाग्य से कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन परिवार को घर खाली कर अन्यत्र शरण लेना पड़ा। लगातार बारिश को देखते हुए पूरे घर के ढह जाने की आशंका जताई जा रही है।
एनएच-10 फिलहाल तिस्ता चेकपोस्ट तक चालू है,
लेकिन राबीझोरा के पास तिस्ता नदी का जल सड़क पर चढ़ जाने से शिलिगुड़ी-दार्जिलिंग मार्ग लगभग अवरुद्ध है।
सिंगताम-रवांगला रोड और खामदोंग रोड भी भूस्खलन के कारण बंद हैं।
पिछले 24 घंटों में उत्तरी बंगाल और सिक्किम के पहाड़ी इलाकों में कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है, जिससे आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन पर गहरा असर पड़ा है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है।



