आयुर्वेदिक औषधालय में मनाया गया राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस
शकील बेग
नावकोठी, बेगूसराय संवाददाता।स्थानीय आयुर्वेदिक औषधालय नावकोठी में राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मंगलवार को मनाया गया। डॉ अश्विनी कुमार ने आयुर्वेद की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में निदान हमेशा रोगी का समग्र रूप से किया जाता है। चिकित्सक रोगी की आंतरिक शारीरिक विशेषताओं और मानसिक प्रवृत्ति पर ध्यान देता है। वह प्रभावित शारीरिक ऊतकों, द्रव्यों, रोग के स्थान, रोगी की प्रतिरोधक क्षमता और जीवन शक्ति, उसकी दिनचर्या, आहार संबंधी आदतों, नैदानिक स्थितियों की गंभीरता, पाचन की स्थिति और रोगी की व्यक्तिगत, सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय स्थिति जैसे अन्य कारकों का भी अध्ययन करता है। डॉ ललित कुमार ने कहा कि आयुर्वेद के प्रमुख उद्देश्यों में स्वास्थ्य का रखरखाव और संवर्धन, रोग की रोकथाम और बीमारी का इलाज शामिल है। रोग के उपचार में शरीर के मैट्रिक्स या उसके किसी भी घटक भाग के असंतुलन के लिए जिम्मेदार कारकों से बचना शामिल है। जिसके लिए पंचकर्म प्रक्रियाओं, दवाओं, उपयुक्त आहार, गतिविधि और दिनचर्या का उपयोग किया जाता है, ताकि संतुलन बहाल किया जा सके। शरीर के तंत्र को मजबूत किया जा सके। भविष्य में रोग की घटना को रोकना या न्यूनतम किया जाता है। इस अवसर पर डॉ एसएन पोद्दार, डॉ हेमचन्द महतो, डॉ कुन्दन कुमार आदि ने वर्तमान समय में चिकित्सा के क्षेत्र में आयुर्वेद को अपनाने की सलाह दी।

