गृहमंत्री अमित शाह ने की मां दुर्गा से प्रार्थना, खोए हुए ‘सोनार बांग्ला’ गौरव को पुनः स्थापित करने की मांग

अजित प्रसाद /कोलकाता/ सिलीगुड़ी: बंगाल में दुर्गा पूजा के उत्साह के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को संतोष मित्रा स्क्वायर दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन करने के बाद कालीघाट स्थित प्रसिद्ध काली मंदिर में पूजा-अर्चना की। शाह ने मां काली का आशीर्वाद लिया और मंदिर के पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान से विशेष पूजा संपन्न कराई।
अमित शाह के इस दौरे को नवरात्रि के मौके पर विशेष महत्व दिया जा रहा है। पूजा के दौरान उन्होंने देश और बंगाल की समृद्धि एवं शांति की कामना की। भाजपा नेताओं का मानना है कि नवरात्र के इस शुभ अवसर पर शाह का कालीघाट मंदिर पहुंचना न केवल धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है बल्कि यह बंगाल की सांस्कृतिक धारा को सम्मान देने का भी संदेश है।
मंदिर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और केंद्रीय बलों के साथ स्थानीय पुलिस ने भी पूरे परिसर की घेराबंदी की। शाह के आगमन पर मंदिर के आस-पास बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि, नवरात्रि के इस पावन पर्व पर बंगाल की जनता के बीच धार्मिक आस्था अपने चरम पर होती है। ऐसे समय में अमित शाह का मां काली के दरबार में आशीर्वाद लेना राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है, खासकर जब राज्य में विधानसभा चुनाव का समय नजदीक है।गृह मंत्री अमित शाह बंगाल के दौरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने पूजा के समारोह में कहा, ”मां दुर्गा से प्रार्थना है कि राज्य में चुनाव के बाद एक नयी सरकार आए जो बंगाल के खोए हुए ‘सोनार बांग्ला’ गौरव को पुनः स्थापित करे। ‘ उन्होंने कहा कि मैं पश्चिम बंगाल में वर्षाजनित घटनाओं में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देता हूं।
बंगाल में बने सोनार बांग्ला का निर्माण करने वाली सरकार’: शाह ने कहा कि मैं आज मां की पूजा करके आया हूं, मैंने मां के सामने पूजा की है कि इस चुनाव के बाद बंगाल में एक ऐसी सरकार बने जो सोनार बांग्ला का निर्माण कर पाएं. शाह ने कहा कि हमारा बंगाल फिर से सुरक्षित, समृद्ध, शांत, सुजलाम सुफलाम बने यहां पर कवि गुरु की कल्पना के बंगाल का निर्माण हम कर पाएं। केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे कहा कि आज महान शिक्षाविद समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की भी जयंती है। शाह ने कहा कि इन्होंने ना केवल बंगाल बल्कि पूरे देश में जब हम गुलाम थे। शिक्षा के लिए जो किया है उसे भुलाया नहीं जा सकता। गृह मंत्री ने कहा कि बंगाल की भाषा, संस्कृति, व्याकरण महिलाओं की शिक्षा के लिए ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।उन्होंने कहा, ”यह नौ दिवसीय नवरात्र उत्सव न केवल बंगाल और भारत में, बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध हो गया है। बंगाल की इस महान परंपरा को पूरी दुनिया बड़े हर्षोल्लास के साथ देखती है। नौ दिनों तक, बंगाल में हर कोई शक्ति की उपासना में समर्पित रहता है।” शाह ने कहा, ”दुर्गा पूजा का त्योहार बंगाल को नयी ऊंचाइयों की ओर ले जाए और राज्य के विकास के माध्यम से हम एक विकसित भारत के विचार को साकार करने में सक्षम हों जिसका सपना हमारे नेता नरेन्द्र मोदी जी ने देखा है।” गृह मंत्री ने साल्ट लेक स्थित पूर्वी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र (ईजेडसीसी) में भाजपा समर्थित पश्चिम बंग संस्कृति मंच के दुर्गा पूजा पंडाल का भी उद्घाटन किया। भाजपा के वरिष्ठ नेता शाह ने शिक्षाविद् एवं समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि भी दी। शाह ने कहा, ”विद्यासागर जी ने न केवल बंगाल में, बल्कि औपनिवेशिक काल में पूरे देश में शिक्षा के लिए जो किया, उसे कोई नहीं भूल सकता। उन्होंने अपना पूरा जीवन बांग्ला भाषा, राज्य की संस्कृति और महिलाओं की शिक्षा के लिए समर्पित कर दिया। आज, करोड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से, मैं ईश्वर चंद्र विद्यासागर के चरणों में नमन करता हूं।”बारिश में मरने वालों को दी श्रद्धांजलि:
शाह ने कहा कि दुर्गा पूजा के शुरुआत में ही यहां भारी बारिश हुई. जिसमें दस से ज्यादा लोगों की जान चली गई. शाह ने सभी परिवारों को ढांढस बंधाया मृतकों को श्रद्धांजलि दी. गृह मंत्री ने कहा कि दुर्गा पूजा का ये उत्सव हमें शुभ की ओर ले जाए बंगाल को ऊंचाईयों की ओर ले जाए. बंगाल के विकास के माध्यम से विकसित भारत के सपने को हम सिद्ध कर पाएं।




