डायरिया पीड़ित मृतकों के परिजनों को दी सांत्वना और 10 लाख रुपए मुआवजा की मांग

5 डिसमिल जमीन और आवास भूमिहीन परिवारों को दे सरकार

 

नन्दकिशोर दास

बेगूसराय ब्यूरो। भाकपा माले के नेता सह खेग्रामस के जिला सचिव चन्द्रदेव वर्मा और किसान महासभा के जिलाध्यक्ष नवल किशोर सिंह ने वनद्वार मुसहरी जाकर डायरिया पीड़ित मृतकों एवं अन्य परिवारों से मिलकर हालात का जायजा लिया। लोगों ने कहा कि वास-आवास की भयंकर समस्या है। एक ही घर में पिता-पुत्र और सास-बहु समेत कई लोग एक ही घर में रहते हैं। यहां गन्दे पानी का कोई निकास नहीं है। बरसात में गन्दे पानी में जीवन यापन करने की मजबूरी है। इसी गन्दगी ने डायरिया का भयंकर रूप धारण कर हिवहरण सदा, चितरण सदा, बौधू सदा का 12 वर्षीय पुत्र, गण्डोरी सदा की 7 वर्षीया बेटी, किरू सदा का 5 वर्षीय पुत्र सन्नू कुमार, सनोज सदा की बेटी सीमा कुमारी और शिवशंकर सदा की बेटी सोमो कुमारी की मौत हो गई। डायरिया से मौत पर संवेदना व्यक्त करते हुए दोनों नेताओं ने मृतकों के पीड़ित परिजनों को 10-10 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की।बिमारी की शुरुआत में लोगों की हालत बिगड़ी तो इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। जहां इन दलित मुसहर परिवार को वगैर समुचित इलाज के घर लौटा दिया गया। इन असहाय लोगों को स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ने असामयिक मौत की नींद सुला दिया। जबकि स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे का दावा है कि बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त और बेगूसराय का तो नंबर 1 स्वास्थ्य व्यवस्था है। वनद्वार मुसहरी में डायरिया पीड़ित मौत ने उनके दावे को झूठा करार दिया है। वनद्वार मुसहरी में स्थायी स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया जाय। दोनों नेताओं ने कहा कि भाजपा विधायक कुन्दन सिंह के पिता उपेन्द्र सिंह ने कोठी की जमीन खरीद कर मुसहरी के गन्दे पानी के बहाव को रोक दिया, ताकि मुसहरी के लोग घर छोड़कर अन्यत्र चले जाएं। भाजपा-जदयू सरकार का गरीबों को वास भूमि-आवास देने का दावा झूठा है।

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