पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले के पत्थर कारोबारी टुलु मंडल के एक रिश्तेदार के घर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में नकदी और सोना बरामद किया।
- मुख्यमंत्री ने दी टीम को बधाई, आरोपी फरार अनुव्रत मंडल का है करीबी
– खनन माफिया बन कमाया अरबो रुपया,खाली बंद घर में रखे थे नगदी और सोना
अजित प्रसाद
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में मंगलवार देर रात पुलिस ने पत्थर कारोबारी टुलु मंडल के एक रिश्तेदार के घर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में नकदी और सोना मिलने की सूचना के बाद सनसनी फैल गई। कभी जूट के खेतों से, कभी बिस्तर के नीचे से, बंगाल में धन के ढेर बरामद होते रहे हैं।अब एक घर के अंदर रखे संदूक से करोड़ों रुपये और सोने के ढेर बरामद हुए हैं। यह घटना बीरभूम के मोहम्मद बाजार में घटी। यह सारा खजाना वहां के एक पत्थर व्यापारी के घर से बरामद किया गया। ताजा खबर के अनुसार, अब तक 10 करोड़ से अधिक का सोना और 5 .5 करोड़ से अधिक की नकदी बरामद की जा चुकी है (दोपहर 1 बजे) तक की खबर है।मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी सोशलमीडिया पर इस बारे में जानकारी दी है। रेत माफिया पर कार्रवाई के लिए हमारे लॉ एनफोर्समेंट स्टाफ का काम तारीफ के काबिल है।
सूत्र से मिली जानकारी के आधार पर एक सटीक ऑपरेशन के बाद बीरभूम पुलिस ने मोहम्मद बाजार पुलिस स्टेशन के तहत गैरकानूनी रेत माफिया टुल्लू मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन के ठिकाने पर एक बड़ी रेड की। मुख्यमंत्री ने लिखा, “ऑपरेशन में गैरकानूनी तरीके से जमा की गई भारी मात्रा में दौलत का पता चला है। अब तक 5.5 करोड़ रुपए कैश बरामद किया गया और गिनती अभी भी जारी है। वहीं, 15 किलो सोना बरामद किया गया है
पैसे गिनते-गिनते थकने लगी मशीन: पता चला है कि बीते देर रात करोड़पति पत्थर व्यापारी तुलु मंडल के करीबी रिश्तेदार मीनार मंडल के घर पर तलाशी शुरू हुई।तलाशी बुधवार सुबह दोहर तक जारी रही। घटनास्थल पर कम से कम पांच पैसे गिनने वाली मशीनें लाई गईं ।इतना ही नहीं, पांच बड़े बक्से और प्रिंटर भी लाए गए। अधिकारी अभी भी पैसे गिन रहे हैं।शुरुआती तौर पर अनुमान है कि रकम और बढ़ सकती है।स्रोत पता लगा रही पुलिस: स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मीनार मंडल स्वयं पत्थर के व्यापार में प्रत्यक्ष रूप से शामिल है. मंगलवार देर रात भारी पुलिस बल ने अचानक मीनार मंडल के घर को घेर लिया। तुरंत ही तलाशी अभियान शुरू किया गया. घर से भारी मात्रा में धन बरामद हुआ। पुलिस मीनार से धन के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही है। शुभेंदु अधिकारी ने इस बारे में अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। कौन है मीनार ?
मीनार मंडल कभी सरकारी बस चालक थे।धीरे-धीरे उनकी तुलु मंडल से घनिष्ठता हो गई। इसके बाद उन्होंने बस चालक की नौकरी छोड़ दी और पत्थर के व्यापार में लग गए।अब तक छापेमारी जारी: इस बीच, घटनास्थल पर भारी पुलिस बल मौजूद है. पुलिस बल के अलावा वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस अभियान का सटीक कारण या इसके पीछे किसी अन्य अवैध गतिविधि का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया हैसवाल यह उठता है कि पुलिस को पहले यह जानकारी क्यों नहीं मिली कि व्यापारी के घर में इतनी बड़ी मात्रा में धन और सोना मौजूद था। टुलु मंडल के रिश्तेदार मीनार मंडल के घर को चारों ओर से घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया। सूत्रों के अनुसार, घर में नोटों के बंडल बड़ी संख्या में मिले, जिन्हें गिनने के लिए पांच नोट गिनने की मशीनें मंगाई गईं। बरामद नकदी को ले जाने के लिए दो बड़े ट्रंक भी मौके पर पहुंचाए गए। सूत्रों का दावा है कि तलाशी के दौरान करीब 30 से 32 करोड़ रुपये नकद और 8 से 10 किलोग्राम सोना बरामद हुआ है। हालांकि पुलिस ने इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और न ही बरामदगी के संबंध में कोई औपचारिक बयान जारी किया है। पुलिस के सूत्रों ने क्या बताया?
बीरभूम पुलिस सूत्रों के अनुसार, मिनार मंडल ने सरकारी बस चालक के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। बताया जा रहा है कि वह स्थानीय पत्थर कारोबारी टुलु मंडल का रिश्तेदार है। पुलिस को संदेह है कि पत्थर खदान से जुड़े कारोबार की बड़ी रकम को जानबूझकर मिनार के घर में रखा गया था, क्योंकि पूर्व सरकारी बस चालक होने के कारण उस पर किसी को शक नहीं होगा। पुलिस और अपराध जांच विभाग की टीम ने बुधवार सुबह छह वाहनों से पहुंचकर घर की तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को घेर लिया गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घर से नकदी और सोने के अलावा रकम गिनने वाली मशीन भी मिली है। टुलु मंडल बीरभूम का चर्चित पत्थर कारोबारी है। वह कभी तृणमूल कांग्रेस के नेता अनुब्रत मंडल का करीबी माना जाता था। उसके खिलाफ पिछले दो महीनों में चुनाव बाद हिंसा समेत कई शिकायतें दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, वह फिलहाल फरार है।
क्या आरोप है? : रिपोर्टों के मुताबिक, टुलु मंडल लंबे समय तक पत्थर खदानों से जुड़े डीसीआर की रकम वसूली का काम देखता था। उस पर इस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए हैं। सैंथिया के भाजपा विधायक और राज्य के मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने आरोप लगाया था कि पहले बीरभूम से कर के रूप में करीब 70 लाख रुपये आते थे, जबकि सत्ता परिवर्तन के बाद यह राशि बढ़कर 2.80 करोड़ रुपये हो गई।पुलिस क्या जांच कर रही है? : पुलिस अब यह जांच कर रही है कि मिनार मंडल के घर से मिली नकदी और सोने का स्रोत क्या है और क्या इसका संबंध टुलु मंडल के पत्थर कारोबार से है।हालांकि, बरामदगी और रकम के स्रोत को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है।



