इंसानियत की मिसाल बने रक्तदाता समूह के सदस्य, किया नवजात का सम्मानजनक अंतिम संस्कार

 

रमेश ठाकुर – बगहा पश्चिम चंपारण,बिहार_ जसवंतनगर क्षेत्र से दिल को झकझोर देने वाली एक मार्मिक घटना सामने आई है। 30 जून को भोगनीपुर गंगनहर के किनारे एक स्कूटी सवार महिला तान्या शर्मा को एक नवजात बच्ची गंभीर हालत में पड़ी हुई मिली। महिला ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी, जिसके बाद जसवंतनगर थाना पुलिस और कुछ ग्रामीणों की मदद से बच्ची को गंभीर अवस्था में सैफई पीजीआई में भर्ती कराया गया।

नवजात बच्ची की हालत अत्यंत नाजुक थी और डॉक्टरों की टीम ने उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया। पांच दिनों तक ज़िंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए अंततः 6 जुलाई को उस मासूम ने अंतिम सांस ली। अस्पताल के कर्मचारियों और इलाज में लगे डॉक्टरों की आंखें भी उस समय नम हो गईं, जब इस नन्हीं जान को नहीं बचाया जा सका।

जब परिजन न मिलने की स्थिति में बच्ची का कोई दावेदार नहीं निकला, तब मानवता की मिसाल पेश करते हुए रक्तदाता समूह के सदस्यों ने बच्ची के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाई। जसवंतनगर पुलिस की मौजूदगी में यमुना घाट पर हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार बच्ची का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया गया।

रक्तदाता समूह के सदस्य डॉ. रोहित तिवारी, सौरभ परिहार, गोपाल शुक्ला और शरद तिवारी ने भावुक माहौल में बच्ची को अंतिम विदाई दी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक शव नहीं था, बल्कि इंसानियत की पुकार थी, जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता।

इस घटना ने एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर कौन सी परिस्थितियाँ होती हैं, जो किसी मां को अपनी संतान को इस हाल में छोड़ने पर मजबूर कर देती हैं। वहीं रक्तदाता समूह जैसे संगठन आज भी समाज में इंसानियत की लौ जलाए रखने का काम कर रहे हैं।

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