महालया की सुबह दोहरा माहौल – सिलीगुड़ी में तर्पण की पवित्रता और दौड़ के उत्साह की लय।

 

पार्थ प्रतिम दास/सिलीगुड़ी: एक शहर में दो फ़िल्में। सुबह-सुबह पितृ पक्ष की समाप्ति पर नदी घाट पर तर्पण किया गया। श्राद्ध पक्ष के अनुष्ठानों के दौरान मौन, मंत्रोच्चार और पिंडदान के बीच, शहर एक ओर चहल-पहल से जगमगा उठा। महालया की पारंपरिक सड़क दौड़ हासमी चौक से शुरू हुई।

हर साल इस दिन सिलीगुड़ी के आकाश में दो अलग-अलग धुनें गूंजती हैं – एक ओर पूर्वजों के प्रति सम्मान, तो दूसरी ओर युवा पीढ़ी का दौड़ने का उत्साह। इस साल यह सड़क दौड़ अपने 41वें वर्ष में प्रवेश कर गई।

लगभग एक हज़ार प्रतियोगियों की भागीदारी से शहर की सड़कों पर उत्सव जैसा माहौल बन गया। बंगाली फिल्म और खेल जगत के सितारे भी देश-विदेश से धावकों की भीड़ में शामिल हुए। अभिनेत्री कौशानी मुखर्जी और पूर्व क्रिकेटर सदानंद विश्वनाथ विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

शहर का यही दोहरा माहौल सिलीगुड़ी को खास बनाता है। सुबह के तर्पण के व्यवस्थित माहौल से लेकर सड़क पर होने वाली दौड़ के उत्साह तक – एक ही शहर में इतनी सारी विषमताएँ, महालया के दिन सिलीगुड़ी को एक अलग आयाम देती हैं।

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