ट्रेन से टकराने से हुई अधिवक्ता अरुण मिश्रा की मौत, किया जा रहा है पोस्टमार्टम

दुर्घटना या आत्महत्या इसकी गुत्थी सुलझाने में लगे जीआरपी और राज्य पुलिस

 

लोको पायलट से पूछताछ के अलावा खोजा जा रहा प्रत्यक्षदर्शी

– अदालत में कामकाज बंद, साथी अधिवक्ता कुछ कह पाने की स्थिति में नहीं

अजित प्रसाद/ सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी बार एसोसिएशन के युवा ओर सरकारी वकील अरुण मिश्रा की दुखद निधन पर आज सिलीगुड़ी बार में कामकाज बंद रखा गया है। शव को रेलवे ट्रैक से पंचनामा करने के बाद नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ले जाता गया है। उनके करीबी अधिवक्ता नीरज झा, संतोष साहा और करण जैन ने कहा कि विश्वास नहीं हो रहा कि आज हमारे बीच का साथी हमको छोड़ कर चला गया। जो प्राथमिक जांच से स्पष्ट है वह यह तय है कि यह हत्या नहीं है। उनका ट्रेन के इंजन से टकराने के बाद ही मौत हुई है। यह दुर्घटना परिस्थिति में हुई यह जांच का विषय है। कुछ लोग इसे आत्महत्या कह रहे है। हम वकील जो उन्हें करीब से जानते है इतना जरूर कह सकते है कि वह मजबूत व्यक्तिव के स्वामी था। वह आत्महत्या करेगा यह समझ के परे है। अगर ऐसा हुआ है तो जांच अधिकारियों को इसका कारण खोजना होगा। मिश्रा लगातार कोर्ट आ रहे थे। वह पूरी तरह स्वस्थ थे। हमेशा की तरह आज भी वह रंगापानी के निकट अपनी जमीन में लगे धान की फसल को देखकर सुबह नौ बजे लौट रहे थे। इसी बीच रेलवे ट्रैक पर वह ट्रेन के सामने से जा टकराए। ऐसा भी आशंका किया जा रहा है कि वह रेलवे ट्रैक मोबाइल में बात करते जा। रहे हो और अचानक ट्रेन से जा टकराए और मौके पर ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम में यह साबित होगा कि वह किस स्थिति में टकराए थे। उनके परम मित्र करण जैन का कहना था कि अरुण मिश्रा अधिवक्ता के साथ सामाजिक कार्य में हमेशा अग्रणी रहने वाला व्यक्ति था। इस घटना की जानकारी उनके बड़े भाई को दी गई है वह अभी शहर से बाहर है। उनका बेटा साथ है। पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए किरण चंद घाट के जाया जाएगा। सिलीगुड़ी बार एसोसिएशन पोस्टमार्टम से लेकर जांच पर पैनी नजर रख रही है। फांसीदेवा थाना के साथ दार्जिलिंग के एसपी भी इस पूरे मामले में रेल पुलिस से संपर्क में है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button