ऑल इंडिया कराटे चैंपियनशिप का आयोजन
भारत पोस्ट ब्यूरो नई दिल्ली। कराटे एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने हरियाणा ओलापिक भवन पंचकुला में तीन दिवसीय अपनी ऑल इंडिया कराटे चैंपियनशिप की घोषणा की। चैंपियनशिप 16,17 और 18 अगस्त 2024 को आयोजित की जाएगी। यह घोषणा केएआई के अध्यक्ष बैकुंठ सिंह ने नई दिल्ली में पत्रकारों को संबोधित करते हुए की। इस दौरान केएआई के महासचिव योगेश कालरा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। इस दौरान केएआई के अध्यक्ष बैकुंठ सिंह कराटे एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भारत सरकार युवा मामले और खेल मंत्रालय,भारतीय खेल प्राधिकरण और भारतीय ओलंपिक संघ को कॉस्ट टू गवर्नमेंट योजना के तहत रूस में 2024 में होने वाले ब्रिक्स खेलों में भारतीय कराटे टीम भेजकर कराटे और इसके खिलाडिय़ों के महत्व को पहचानने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस टीम का चयन पिछले साल जून के महीने में नई दिल्ली के आईजी स्टेडियम में भारतीय खेल प्राधिकरण की देखरेख में किया गया था,जिसका नेतृत्व कराटे एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने अन्य सभी महासंघों के योग्य तकनीकी अधिकारियों के सहयोग से किया था। सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से देखा गया कि ब्रिक्स खेलों के प्रतिनिधिमंडल में कराटे कोच ने एसएआई और एक विशेष महासंघ को धन्यवाद देते हुए एक पोस्ट किया था,जिससे वह संबंधित है। इस मामले में एसएआई ही श्रेय का हकदार है, कोई अन्य महासंघ नहीं। गौरतलब है कि पिछले साल भारतीय खेल प्राधिकरण की देखरेख में एशियाई खेलों के लिए चयन ट्रायल में इस फेडरेशन ने ही कई तरह की रुकावटें डाली थीं। इस फेडरेशन ने चयन में हिस्सा नहीं लिया, बल्कि टीम की घोषणा से एक दिन पहले स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया और चयन को फिर से बुलाया गया, जिसमें भी उन्होंने हिस्सा नहीं लिया। इस तरह की गतिविधियों से इस फेडरेशन की मंशा बिल्कुल साफ है। कराटे एसोसिएशन ऑफ इंडिया भारत सरकार युवा मामले और खेल मंत्रालय भारतीय खेल प्राधिकरण और भारतीय ओलंपिक संघ से अनुरोध करता है कि वे उत्तराखंड में होने वाले राष्ट्रीय खेलों 2025 का चयन करें, जहां सभी फेडरेशन के खिलाडिय़ों को भाग लेने का उचित मौका मिल सके। सिंह ने कहा कि ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो भारत सरकार के विभिन्न विभागों में सेवारत हैं और लगातार विभिन्न मंचों पर तिरंगे को ऊंचा उठाने में अपना योगदान दे रहे हैं। ये भर्तियां खेल कोटे के जरिए की गई थीं। 2020 से, किसी भी फेडरेशन को एमवाईएएस या भारत सरकार या आईओए द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है, जिसके कारण कराटे खिलाड़ी बेहद वंचित हैं। आपका संबंधित प्राधिकारी से अनुरोध है कि खेल को मान्यता प्रदान की जाए।


