‘उत्तर बंगाल’ को ‘उत्तर बिहार’ कहना बंगाल को बांटने की साजिश: डॉ. निर्मल चंद्र रॉय 

जलपाईगुड़ी, पश्चिम बंगाल : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चुनावी जनसभा के दौरान ‘उत्तर बंगाल’ को ‘उत्तर बिहार’ संबोधित करने पर राज्य में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे को लेकर शनिवार शाम जलपाईगुड़ी जिला तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यालय में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें जिले के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों के उम्मीदवार उपस्थित रहे।धूपगुड़ी विधानसभा क्षेत्र के टीएमसी प्रत्याशी प्रोफेसर निर्मल चंद्र रॉय ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए इसे बंगाल विभाजन की एक गहरी साजिश करार दिया।  प्रोफेसर निर्मल चंद्र रॉय (धूपगुड़ी विधानसभा, टीएमसी प्रत्याशी) ने कहा “भारत के एक राज्य के मुख्यमंत्री उत्तर बंगाल को ‘उत्तर बिहार’ कह रहे हैं। यह कतई स्वीकार्य नहीं है। क्या इसका अर्थ यह है कि वे बंगाल का विभाजन करना चाहते हैं? अभी कुछ दिन पहले ही केएसडीसी (KSDC) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा को समर्थन देने का ऐलान किया है, क्योंकि केंद्रीय गृहमंत्री ने उनकी मांगों को मानने का आश्वासन दिया है। इसके तुरंत बाद एक मुख्यमंत्री का उत्तर बंगाल को उत्तर बिहार कहना महज संयोग नहीं हो सकता।”गौरतलब है  कूचबिहार के माथाभांगा में आयोजित एक जनसभा के दौरान योगी आदित्यनाथ ने भाषण देते समय ‘उत्तर बंगाल’ की जगह ‘उत्तर बिहार’ शब्द का प्रयोग किया। हालांकि, उन्होंने तुरंत अपनी गलती सुधारते हुए इसे ‘उत्तर बंगाल’ कर दिया था। जलपाईगुड़ी के छह उम्मीदवारों ने एकजुट होकर भाजपा और केंद्र सरकार की ‘जुमलेबाजी’ के खिलाफ आवाज उठाई। टीएमसी नेतृत्व का दावा है कि भाजपा क्षेत्रीय भावनाओं को भड़काकर और इस तरह के बयानों के जरिए बंगाल की अखंडता को चुनौती दे रही है।चुनाव के इस माहौल में उत्तर बंगाल के नाम को लेकर हुई यह चूक अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button