आरजेडी के द्वारा लालू प्रसाद के लिए भारत रत्न की मांग।

चिंतन, विमर्श और नजरिया

 

राजीव कुमार झा

सुभाष यादव आज लालू प्रसाद के बारे में काफी कुछ बता रहे हैं और बिना साक्ष्य या प्रमाण के किसी के बारे में कुछ भी कहना कठिन होगा। लालू प्रसाद को केन्द्र सरकार चाहे वह करके भी भारत रत्न नहीं दे सकती है।
कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न मिला तो इसका मतलब यह नहीं है कि आरजेडी लालू प्रसाद के लिए भी ऐसे सम्मान की अपेक्षा करे । वह जननायक थे और थाना मुकदमा जेल से सदैव दूर ही बने रहे। लालू प्रसाद हिरासत में हैं और अस्वस्थता के कारण जमानत पर हैं। सुभाष यादव को लालू प्रसाद के बारे में ऐसी गंभीर बातों को तभी बताना चाहिए था जब यह सब वह देखते – सुनते थे और शायद चुप रहते थे। आज वह चुप नहीं हैं और चुप रहना भी नहीं चाहिए लेकिन कुछ भी सोच समझकर बोलना चाहिए अन्यथा बड़बोलेपन से कभी आदमी मुसीबत में पड़ जाता है। आज भी बिहार में अपराध है और
कुछ लोग ऐसे अपराधों से खुद को अलग थलग बताते हैं। फिर ठीक है, जनता उन्हें माफ कर देगी।
इन घृणित अपराधों में किसी को संलिप्त नहीं होना चाहिए। लालू प्रसाद को कांग्रेस की सरकार जब तक देश में नहीं बनेगी तब तक भारत रत्न नहीं मिलेगा। आजकल सबको भारतरत्न चाहिए।
बिहार में भारत रत्न ज्यादा मायने नहीं रखता और कर्पूरी ठाकुर का भी इन बातों में विश्वास नहीं था। उनके नाम पर स्टेशन भी बनाया गया। बिहार सरकार सरकारी गरीब कल्याण योजनाएं उनके नाम पर गर शुरू कर सकती है तो यह गरीबों का सम्मान होगा।
कर्पूरी ठाकुर ने बिहार के विकास के लिए कोई काम नहीं किया और उनको समय भी नहीं मिल पाया। स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के कारण वह ठीक से पढ़ लिख भी नहीं पाए थे। लालू प्रसाद पटना यूनिवर्सिटी के ग्रेजुएट हैं और इस नजरिए से उनको भारत रत्न अगर नहीं भी मिलता है तो कोई बात नहीं है।
भारत रत्न खिलाड़ियों को और गीत गाने वालों के अलावा शहनाई बजाने वाले लोगों के अलावा मुख्य रूप से प्रधानमंत्री राष्ट्रपति महोदय को दिया जाता है। नोबेल लोरियंट भी इसमें शामिल हैं तो लालू प्रसाद के लिए फिर इसमें कहां जगह बनती है शायद कहीं कोई जगह कभी ख़ाली हो तो बात बने।

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