सिलीगुड़ी में वीजा ऑफ़िस के बाद सोनाली बैंक बंद कराने के लिए प्रदर्शन

 

 

अजित प्रसाद , विशेष संवाददाता/ सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी में वीजा कार्यालय को बंद कराने के बाद अब बांग्लादेश के सोनाली बैंक को लेकर एक बार फिर आंदोलन तेज हो गया है। बंगीय हिंदू महामंच ने सिलीगुड़ी के पानीटंकी मोड़ स्थित बांग्लादेशी सोनाली बैंक के खिलाफ शुक्रवार को अभियान का आह्वान किया।महामंच के कार्यकर्ता पाकुड़तला मोड़ से जुलूस निकालते हुए पानीटंकी मोड़ पहुंचे। सोनाली बैंक के सामने भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। इस दौरान पुलिस और महामंच के कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने बैंक के सामने यूनुस का पुतला दहन किया।
इस मौके पर बंगीय हिंदू महामंच की सलाहकार समिति के सदस्य विक्रमादित्य मंडल ने कहा कि आज पुलिस ने सोनाली बैंक को सुरक्षा दी है, लेकिन इस तरह हम चुप नहीं बैठेंगे। जब तक बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक हमारा यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। हमने विभिन्न चिकित्सा केंद्रों में भी जाकर आवेदन दिया है। उन्हें किसी प्रकार की सुविधा नहीं दी जानी चाहिए। घटना को लेकर इलाके में तनाव का माहौल बना रहा, हालांकि भारी पुलिस बल की तैनाती के चलते स्थिति पर नियंत्रण कर लिया गया।वही दूसरी ओर बंगाल के होटल मालिकों के एक संगठन ने पड़ोसी बांग्लादेश में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के मद्देनजर सिलीगुड़ी और उसके आसपास के इलाकों में बांग्लादेशी नागरिकों को ठहरने की सुविधा देने पर अस्थायी रूप से रोक लगाने का फैसला किया है।ग्रेटर सिलीगुड़ी होटलियर्स वेलफेयर एसोसिएशन’ द्वारा हाल ही में जारी नोटिस के अनुसार, यह निर्णय उन घटनाओं से जुड़ा है, जिनसे भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव आया है, जिसमें भारतीय ध्वज के प्रति कथित अनादर और बांग्लादेशी नागरिकों के एक वर्ग द्वारा दिए गए भड़काऊ बयान शामिल हैं। होटल संगठन ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य वर्तमान संवेदनशील माहौल में मेहमानों और होटल कर्मचारियों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करना है।
संगठन के एक पदाधिकारी ने बताया कि एसोसिएशन के सदस्य अगले आदेश तक बांग्लादेशी नागरिकों को होटल में ‘चेक-इन’ की अनुमति नहीं देंगे।उत्तर बंगाल में अंतरराष्ट्रीय सीमा और मुख्य भूमि भारत को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाले रणनीतिक रूप से संवेदनशील गलियारे के पास स्थित सिलीगुड़ी, पर्यटक, चिकित्सा और छात्र वीजा पर भारत आने वाले बांग्लादेशी आगंतुकों के लिए एक प्रमुख प्रवेश बिंदु रहा है।
एसोसिएशन ने कहा कि इस प्रतिबंध की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी और स्थितियां सुरक्षित तथा सम्मानजनक होने पर ठहरने की सुविधाओं को फिर से बहाल करने की संभावना पर विचार किया जाएगा। संगठन के सदस्यों से इस निर्णय का कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया गया है, ताकि संगठन में एकजुटता बनी रहे।सूत्रों ने बताया कि सिलीगुड़ी और उसके आसपास के कम से कम 180 होटल इस एसोसिएशन के सदस्य हैं और सभी इस निर्णय पर अमल कर रहे हैं।
इसके अलावा, करीब 50 उन होटलों ने भी इस प्रतिबंध को स्वेच्छा से लागू करना शुरू कर दिया है, जो एसोसिएशन के सदस्य नहीं हैं।इस बीच, पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के होटल मालिक भी इसी तरह के कदम पर विचार कर रहे हैं। कम से कम 250 होटलों की सदस्यता वाला ‘मालदा होटल मालिक संघ’ भी जल्द ही एक बैठक कर बांग्लादेशी नागरिकों के ठहरने पर प्रतिबंध लगाने को लेकर विचार कर सकता है।

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