मालदा में ‘अदीना मस्जिद’–‘अदीनाथ शिव मंदिर’ विवाद के बीच 50 मीटर दूर शिवलिंग स्थापना, रुद्राभिषेक के बीच कड़ी सुरक्षा

* ऐतिहासिक स्मारक के निकट विशेष पूजा-अर्चना में उमड़े श्रद्धालु, हाईकोर्ट में विचाराधीन है मामला; प्रशासन ने संभाली कमान

 

अजित प्रसाद/मालदा। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के ऐतिहासिक अदीना क्षेत्र में स्थित प्राचीन स्मारक को लेकर चल रहे विवाद के बीच सोमवार को धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया। ‘अदीना मस्जिद’ और ‘अदीनाथ शिव मंदिर’ को लेकर जारी दावे-प्रतिदावों के बीच ऐतिहासिक इमारत से लगभग 50 मीटर की दूरी पर ‘अदीनाथ शिवलिंग’ की स्थापना कर रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना की गई। आयोजन को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी।

सुबह से ही पूजा स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। विधि-विधान के साथ शिवलिंग का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और पूजा कार्यक्रम संपन्न कराया गया। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया। पूजा स्थल को विशेष रूप से सजाया गया था और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं।
650 साल पुरानी इमारत को लेकर विवाद
अदीना क्षेत्र की यह ऐतिहासिक संरचना लंबे समय से विवाद का केंद्र बनी हुई है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और उपलब्ध पुरातात्विक दस्तावेजों के अनुसार इस इमारत का निर्माण वर्ष 1373 ईस्वी के आसपास बंगाल सल्तनत के सुल्तान सिकंदर शाह के शासनकाल में कराया गया था।

वहीं, हिंदू पक्ष और कुछ संगठनों का दावा है कि इस ऐतिहासिक इमारत के स्तंभों, दीवारों और नक्काशी में हिंदू देवी-देवताओं तथा भगवान शिव (अदीनाथ) से जुड़े प्रतीक दिखाई देते हैं। उनका कहना है कि यह स्थल मूल रूप से प्राचीन अदीनाथ शिव मंदिर था, जिसे बाद में मस्जिद के रूप में परिवर्तित किया गया।

हाईकोर्ट में विचाराधीन मामला

इस ऐतिहासिक स्थल की पहचान और धार्मिक स्वरूप को लेकर मामला वर्तमान में कलकत्ता उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय में मामला लंबित होने और क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए पूजा कार्यक्रम ऐतिहासिक स्मारक परिसर के अंदर नहीं, बल्कि उससे लगभग 50 मीटर की दूरी पर आयोजित किया गया।

आयोजकों की ओर से कहा गया कि धार्मिक अनुष्ठान निर्धारित नियमों और प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया गया। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संरक्षित स्मारक की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है।

चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा, प्रशासन अलर्ट

कार्यक्रम को देखते हुए मालदा जिला पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। स्मारक के मुख्य प्रवेश द्वार और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई और आने-जाने वाले लोगों पर कड़ी निगरानी रखी गई।

  1. सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी थी। प्रशासन की ओर से लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button