एनसीपी के दोनों गुटों के फिर एका की चर्चाएं तेज
-एनडीए में एंट्री पर भाजपा ने साफ किया रोडमैप
भारत पोस्ट संवाददाता
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, अगर शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ;एनसीपी.एसपी को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा बनना है, तो उससे पहले एनसीपी के दोनों धड़ों का एक होना जरूरी होगा। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह जानकारी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के हवाले से सामने आई है। हाल के दिनों में दोनों एनसीपी गुटों के नेताओं और सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रमुख नेताओं के बीच हुई बैठकों के बाद सियासी गलियारों में नए समीकरणों को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं।
एनसीपी का विभाजन जुलाई 2023 में हुआ था, जब अजित पवार अपने कई वरिष्ठ सहयोगियों के साथ अलग होकर महाराष्ट्र में भाजपा.शिवसेना सरकार में शामिल हो गए थे। बाद में चुनाव आयोग ने अजित पवार गुट को पार्टी का आधिकारिक नाम और चुनाव चिह्न सौंप दिया। दूसरी ओर, शरद पवार के नेतृत्व वाला गुट नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी ;शरदचंद्र पवार यानी एनसीपी ;एसपी के नाम से सक्रिय है। वर्ष 2026 के मध्य तक दोनों गुट राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में अलग.अलग काम कर रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ सप्ताह से दोनों के फिर से एक होने की चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं।
भाजपा के सूत्रों के अनुसार, पार्टी का स्पष्ट रुख है कि एनसीपी के दोनों गुट पहले अपने मतभेद खत्म कर एक हो जाएं। इसके बाद ही पूरी एनसीपी के साथ एनडीए में किसी तरह की राजनीतिक साझेदारी पर विचार किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि भाजपा फिलहाल शरद पवार या उनके करीबी नेताओं को व्यक्तिगत रूप से एनडीए में शामिल करने के पक्ष में नहीं है।



