इस में लेना होगा डीएम साहब को संज्ञान,महज दो महीमामलेने में धराशाही हुई नाली!
(_क्या प्राकलन को दरकिनार कर जेईई, एसडीओ रुपया हजम करवाने में करते हैं मदद_)
विशेष संवाददाता – रामनगर,नरकटियागंज पश्चिमी चंपारण (बिहार)जनता के प्रतिनिधि कहाने वाले जनप्रतिनिधि आखिर ऐसा भ्रष्टाचार करने से पहले क्यों नहीं डरते कार्यवाहियों से,अगर सीघ्र ही जिलाधिकारी बेतिया संज्ञान लेकर कार्यवाही करते है तो जनता की उम्मीद खरी उतर जायेगी। क्योंकि 7 लाख 50 हजार में लगभग आधा पैसा भी नहीं खर्च किया गया है संवेदक के द्वारा।
मामला कुछ इस प्रकार हैं की बगहा अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत गंडक पर मधुबनी प्रखंड में दो माह पहले जिला परिषद निधि से सुनैना देवी पति जितेंद्र गुप्ता वर्तमान जिला परिषद सदस्य मधुबनी के द्वारा बनवाया गया था जो बरसात शुरू होते ही धराशाही हो गई l जिसकी प्राक्कलित राशि 750000/- (7 लाख 50 हजार रुपया) था।
आज नाला ध्वस्त हो गया है,नाले का निर्माण कार्य पानी निकासी के लिए दहवा गांव से प्रखण्ड कार्यालय होते हुए बनवाया गया था।
पानी निकासी तो दूर,पानी देखते ही ध्वस्त हो गया। अब ये नाला जनता की अदालत मे गुहार लगा रहा है। जिसकी राशि को संवेदक के द्वारा बंदरबाट कर घटिया निर्माण कराया गया था जिसका सुधि लेने वाला कोई नहीं था।इस घटिया निर्माण के आलोक में महान समाजसेवी, विधानसभा प्रत्याशी सह लोजपा नेता धनंजय पाण्डेय ने अपने बयान में उक्त जानकारी दिया।
इस प्रकरण में सबसे बड़ी लापरवाही सरकारी कर्मियों का है जिन्होंने अपनी ड्यूटी नही निभाई।
अब बिहार में पूल गिरने के बाद नालिया भी बरसात होने से पूर्व धाराशाही हो रही है।
ठेकेदार की मिलीभगत से घटिया निर्माण कराकर सरकारी राशि का बंदरबाट एक प्रचलन बनता जा रहा है।क्योंकि संवेदक को पता है की जांच के बाद ठंडे बस्ते में जाना है,उससे ज्यादा क्या हो सकता है।



