मेरे पति से दूर हो जाओ महिला दारोगा
-बीडीओ की आशिकी ने ली पत्नी की जान
भारत पोस्ट संवाददाता
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. जाले के बीडीओ मनोज कुमार और बेगूसराय में तैनात महिला दारोगा अनु कुमारी के बीच चल रहे इश्क के खेल ने एक हंसती.खेलती जिंदगी को लील लिया। बीडीओ की पत्नी अमृता कुमारी ने पति की बेवफाई और प्रताड़ना से तंग आकर जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस की तफ्तीश में इस हाई.प्रोफाइल लव ट्रायंगल की जो कहानी सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है।
इस पूरी कहानी की शुरुआत साल 2020 में मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा स्थित क्लब रोड की एक प्रतिष्ठित कोचिंग से हुई थी। यहीं बीडीओ मनोज और महिला दारोगा अनु कुमारी की नजरें चार हुईं और दोनों के बीच अफेयर शुरू हो गया। दिलचस्प बात यह है कि मृतक अमृता और आरोपी महिला दारोगा अनु दोनों सीतामढ़ी की रहने वाली थीं और दोनों ने एक ही महिला कॉलेज से ग्रेजुएशन भी किया था। इसी बीच बीडीओ मनोज ने अमृता को अपने जाल में फंसाया और दिसंबर 2022 में दोनों ने लव मैरिज कर ली। लेकिन, मनोज ने इस शादी की बात अपनी श्लेडी लव अनु से छिपाए रखी।
शादी के बाद जब अमृता को अपने पति और महिला दारोगा के अवैध संबंधों की भनक लगी, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। अमृता ने हिम्मत जुटाकर अनु को सीधे फोन लगाया और दो टूक कहा हमारी शादी हो चुकी है मेरे पति से दूर हो जाओ।” इस खुलासे के बाद अनु बीडीओ से दूरी बनाने लगी थी, लेकिन शातिर बीडीओ मनोज ने अनु को नया झांसा दे दिया। उसने वादा किया कि वह जल्द ही अमृता को तलाक देकर उससे शादी कर लेगा। इसी भरोसे के दम पर दोनों का इश्क बेगूसराय पोस्टिंग के दौरान और परवान चढ़ने लगा, जबकि घर में अमृता की जिंदगी नर्क बन गई।
अमृता की मौत वाले दिन की कहानी सबसे ज्यादा दर्दनाक है। बीडीओ मनोज अपनी विभागीय ट्रेनिंग के लिए पटना में था, जबकि महिला दारोगा अनु दरभंगा में पीजी की परीक्षा दे रही थी। परिजनों का आरोप है कि दोनों ने छुपकर पटना में मुलाकात की। वहां से दोनों ने एक साथ अमृता को वीडियो कॉल किया। कॉल पर दोनों ने अमृता को इस कदर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और ऐसी बातें कहीं कि टूट चुकी अमृता ने खौफनाक कदम उठाते हुए जहर खा लिया। यही नहीं, दोनों अक्सर अपनी मुलाकातों और बर्थडे सेलिब्रेशन की तस्वीरें.वीडियो अमृता को भेजकर उसे हर पल तड़पाते थे।
जब मिठनपुरा पुलिस महिला दारोगा को गिरफ्तार करने उसके घर पहुंची, तो उसके घरवाले दंग रह गए। अनु मटिहानी थाने में तैनात थी और 10 दिन की छुट्टी लेकर एक महीने से ज्यादा समय से गायब ;ओवरस्टे चल रही थी। अब अमृता के परिजनों ने पुलिस को एक पेन ड्राइव सौंपी है, जिसमें बीडीओ और महिला दारोगा की चैट्स, तस्वीरें और वीडियो कॉल के रूप में उनकी आशिकी का कच्चा चिट्ठा मौजूद है। पुलिस इसी पेन ड्राइव के सबूतों के आधार पर दोनों पर शिकंजा कस रही है।



