गन्ने की खेती में पानी बचाने और किसानों की आय बढ़ाने में आईपीएल अग्रसर

नई दिल्ली। गन्ने की खेती में पानी की बचत, उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार के लिए इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) गुजरात में आधुनिक और टिकाऊ कृषि तकनीकों को बढ़ावा दे रहा है। आईपीएल ने गन्ना किसानों को ड्रिप इरिगेशन, फर्टिगेशन, संतुलित पोषण और वैज्ञानिक फसल प्रबंधन से जोड़ने के लिए कई पहल शुरू की हैं।
इसी कड़ी में आईपीएल और जैन इरिगेशन सिस्टम्स लिमिटेड (जेआईएसएल) ने 8 जुलाई 2026 को गुजरात में तकनीक आधारित गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए समझौता किया। इसके तहत दोनों कंपनियां गन्ने के खेतों में ड्रिप सिंचाई प्रणालियों के सर्वे, डिजाइन, आपूर्ति और स्थापना के साथ किसान प्रशिक्षण और खेतों में प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित करेंगी। किसानों को माइक्रो इरिगेशन अपनाने के लिए उपलब्ध ऋण और अनुदान सुविधाओं तक पहुंच बनाने में भी सहयोग दिया जाएगा।
आईपीएल की यह पहल केवल सिंचाई तक सीमित नहीं है। कंपनी ने गुजरात के कोडिनार शुगर मिल के कमांड क्षेत्र में करीब 2,000 एकड़ गन्ने की खेती के लिए यूपीएल सस्टेनेबल एग्री सॉल्यूशंस के साथ तीन साल का समझौता भी किया है। इसका लक्ष्य वैज्ञानिक कृषि, बेहतर पोषण प्रबंधन, फसल सुरक्षा, ऐसी खेती जो मिट्टी की सेहत को अपने आप ठीक कर लेता हो तथा डिजिटल तकनीकों के माध्यम से गन्ने की उत्पादकता में कम से कम 15 प्रतिशत सुधार करना है।
आईपीएल किसानों को गन्ने की खेती में ‘10 टीज़ ऑफ शुगरकेन एक्सीलेंस’ यानी गन्ने की खेती में बेहतरीन पैदावार (उत्कृष्टता) हासिल करने के 10 मुख्य तरीके, जैसी वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है। इसमें बेहतर जुताई, उन्नत किस्म, गुणवत्तापूर्ण बीज, ट्राइकोडर्मा, समय पर बुवाई, खरपतवार प्रबंधन और गन्ने की बेहतर देखभाल जैसे उपाय शामिल हैं। इसके साथ कंपनी पोषक तत्व प्रबंधन के तहत पर्यावरण और स्थिरता के संदर्भ में कचरे को कम करने और प्रकृति को बचाने के 6 मुख्य सिद्धांत पर जोर दे रही है। 6R में सही स्रोत, सही मात्रा, सही विधि, सही समय, सही संयोजन और सही जल प्रबंधन आदि शामिल है।
ड्रिप सिंचाई में पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचता है, जिससे पानी की बर्बादी कम करने में मदद मिलती है। वहीं फर्टिगेशन के जरिए सिंचाई के पानी के साथ घुलनशील उर्वरक पौधों की जड़ों तक पहुंचाए जा सकते हैं। इससे पानी और उर्वरकों के अधिक प्रभावी इस्तेमाल के साथ फसल प्रबंधन बेहतर करने में मदद मिलती है।
आईपीएल ने जुलाई में गुजरात के कोडिनार क्षेत्र में 350 से अधिक किसानों के लिए सतत गन्ना खेती पर कार्यशाला भी आयोजित की। इसमें किसानों को आधुनिक फसल प्रबंधन, जल दक्षता और बेहतर कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई। जैन इरिगेशन के विशेषज्ञों ने ड्रिप सिंचाई और चार फुट की कतार दूरी जैसी तकनीकों के लाभ बताए। कंपनी के अनुसार, उचित परिस्थितियों में ड्रिप सिंचाई से पानी की खपत में 40–60 प्रतिशत तक कमी और उत्पादकता में 20–40 प्रतिशत तक सुधार की संभावना हो सकती है।
गुजरात में आईपीएल की व्यापक पहल उसके गन्ना क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश से भी जुड़ी है। कंपनी कोडिनार, तलाला और वलसाड की सहकारी चीनी मिलों के पुनरुद्धार और आधुनिकीकरण पर काम कर रही है। सरकार के अनुसार, इन मिलों के पुनरुद्धार से क्षेत्र के हजारों किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
आईपीएल का मानना है कि चीनी मिलों के संचालन के साथ-साथ गन्ना किसानों की उत्पादकता और लाभप्रदता बढ़ाना भी जरूरी है। ड्रिप सिंचाई, फर्टिगेशन, संतुलित पोषण, बेहतर फसल प्रबंधन और डिजिटल सलाह को एक साथ बढ़ावा देकर कंपनी गुजरात में अधिक जल-कुशल, टिकाऊ और लाभकारी गन्ना खेती का मॉडल विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसका लाभ किसानों के साथ-साथ चीनी और जैव ईंधन क्षेत्र को भी मिलने की उम्मीद है।


