सर्व पितृ अमावस्या आज: खुश हुए तो सुख, नाराजगी पर दु:ख पहुंचाएंगे !
ः:पितृ पक्ष समापन पर विशेष::
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार बहुत महत्वपूर्ण पितृपक्ष का आज10 अक्टूबर सर्व पितृ अमावस्या
से समापन हो जाएगा। हिंदू धर्ममें इसी पितृपक्ष के दौरान पितरों की आत्मा को शांति प्रदान करने के लिए श्राद्ध कर्म, तर्पण और पिंडदान इत्यादि कर्म विधिवत किए जाते हैं। जिसमें सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है पितृपक्ष में अमावस्या तिथि। 16 दिनों तक चलने वाले इस महाअभियान का समापन सर्व पितृ अमावस्या के साथ होता है। इसी सर्व पितृ अमावस्या को महालय अमावस्या और सर्वमोक्ष अमावस्या भी कहते हैं।
इस दिन मतलब आज 10 अक्टूबर से पितृ पक्ष का समापन हो जाएगा। आश्विन माह की अमावस्या को ही सर्वपितृ अमावस्या या ये दिन बहुत खास माना जाता है, क्योंकि अगर आपने अभी तक अपने पितरों का श्राद्ध नहीं किया या उनकी श्राद्ध तारीख पता नहीं है तो आप इस दिन श्राद्ध कर सकते हैं। इस बारे में पंडित जनों का कहना है कि इस बार सर्वपितृ अमावस्या आज 10 अक्टूबर (शनिवार) को पड़ेगी। इसमें अमावस्या तिथि की शुरुआत 9 अक्टूबर की रात 9 बजकर 35 मिनट से शुरू होकर 10 अक्टूबर की रात 9 बजकर 19 मिनट पर समापन होगा।
अब जहां तक श्राद्ध और तर्पण के लिए शुभ मुहूर्त का सवाल है । इनमें से कुतुप मुहूर्त- सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक। रोहिणी मुहूर्त : दोपहर 12:31 बजे से दोपहर 01:18 बजे तक। अपराह्न काल : दोपहर 01:18 बजे से दोपहर 03:37 बजे तक रहेगा। हिंदू धर्म के अनुसार, यदि किसी परिवार को अपने किसी पूर्वज की मृत्यु की तिथि (देहावसान का दिन) याद नहीं है, या पितृ पक्ष की अन्य तिथियों पर किन्हीं कारणों से श्राद्ध नहीं किया जा सका है, तो वे सभी इस एक ही दिन अपने पितरों का निमित्त श्राद्ध और तर्पण कर सकते हैं। इस दिन विधि-विधान से तर्पण, पिंडदान और ब्राह्मण या जरूरतमंदों को दान करने से कुल के पितरों को शांति मिलती है और घर से पितृ दोष का प्रभाव समाप्त होता है। आज की सर्व पितृ अमावस्या के अगले दिन यानी 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी, जो आत्मीय श्रद्धा और पितृ विसर्जन से मां शक्ति की उपासना के भव्य आगमन की सूचना देती है।
प्रस्तुति
सुनील बाजपेई
(कवि ,गीतकार ,लेखक एवं
वरिष्ठ पत्रकार), कानपुर
उत्तर प्रदेश। 79854730 20



