कोलकाता में चुनाव आयोग दफ्तर के बाहर BLO का हाई-वोल्टेज ड्रामा,
रस्सी लेकर आत्मदाह की धमकी, पुलिस ने टाला बड़ा हादसा
अजित प्रसाद, कोलकाता :कोलकाता के डलहौजी स्थित राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के बाहर सोमवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब विरोध प्रदर्शन कर रहे बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के एक समूह ने आत्महत्या करने की धमकी दी। ‘बीएलओ अधिकार रक्षा समिति’ के बैनर तले सैकड़ों कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे थे। आंदोलन के दौरान स्थिति तब और गंभीर हो गई जब कुछ प्रदर्शनकारी अपने साथ रस्सी (फांसी का फंदा) लेकर पहुँचे। उन्होंने चुनाव आयोग के गेट के सामने विरोध जताते हुए आत्महत्या करने की धमकी दी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि काम के अत्यधिक दबाव और अमानवीय कार्य परिस्थितियों के कारण वे मानसिक रूप से टूट चुके हैं।
हालांकि, मौके पर तैनात पुलिस बल ने मुस्तैदी दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों के हाथ से रस्सी छीन ली और उन्हें ऐसा करने से रोका। बीएलओ का आरोप है कि ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया के तहत उन पर काम का भारी बोझ डाल दिया गया है, जिसे कम समय में पूरा करना असंभव है। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि हाल के दिनों में काम के तनाव के कारण कई बीएलओ की मौत हुई है, जिनमें आत्महत्या के मामले भी शामिल हैं।बीएलओ ऐप में बार-बार आ रही दिक्कतों और नई प्रक्रियाओं के शामिल होने से कर्मचारी परेशान हैं। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़कर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई। डलहौसी परिसर काफी समय तक रणक्षेत्र बना रहा।
पुलिस ने कई प्रदर्शनकारी को हिरासत में लिया है और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आयोग के सूत्रों के अनुसार, मतदाता सूची के सुधार का कार्य समय सीमा के भीतर पूरा करना आवश्यक है, लेकिन कर्मचारियों की शिकायतों पर विचार किया जा रहा है। वहीं, आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे अपना विरोध जारी रखेंगे।

