अगर योगी सीएम और अखिल सीपी नहीं होते तो कानपुर में नहीं होता विष कन्याओं वाले अखिलेश गिरोह का भंडाफोड़

 

सुनील बाजपेई
कानपुर। विषकन्याओं यानी कमसिन लड़कियों के माध्यम लोगों के खिलाफ बलात्कार और छेड़खानी आदि के फर्जी मुकदमे में दर्ज करा रंगदारी, ब्लैक मेलिंग और अवैध कब्जों में सफलता के बदले कई हजार करोड़ की नामी – बेनामी, चल – अचल संपत्ति अर्जित करने वाले जेल भेजे गए वकील अखिलेश दुबे के देशव्यापी कारनामों का खुलासा लगातार जारी है। कानपुर के साथ ही देश के और भी कई राज्यों में दर्जनों को शिकार बना चुका यह देश का एक मात्र पहला ऐसा अंतरराष्ट्रीय गिरोह है, जिसमें सर्वाधिक संख्या में विषकन्याएं यानी लड़कियां भी शामिल थी। यह देश का पहला ऐसा गिरोह है ,जिससे बड़ा प्रभावशाली, जिससे बड़ा ऊंची पहुंच और पकड़ वाला गिरोह आज तक पूरे देश में प्रकाश में नहीं आया , जिसकी असली वजह लाखों करोड़ों की चल नामी बेनामी संपत्ति के रूप में भारी लाभ भी उठाने वाले कानून व्यवस्था जैसे पद वाले के साथ कई आईपीएस ,आई ए एस, पीपीएस, पीसीएस समेत विभिन्न विभागों के भी कई अधिकारियों, पत्रकारों, नेताओं और वकीलों आदि द्वारा गिरोह को संरक्षण और सहयोग रहा। यही वजह है कि ऐसे प्रभावशाली और मजबूत पकड़ वाले अखिलेश दुबे जेल भेज कर गिरोह का भंडाफोड़ करना बिल्कुल असंभव ही था। लेकिन इस असंभव को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की छत्रछाया में संभव कर दिखाया अब डीजी भी बन चुके निष्पक्ष और पारदर्शी कार्य शैली के भगवान और भाग्य यानी कर्म भरोसे रहने वाले कानपुर के पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार की विशुद्ध ईमानदारी ,कर्तव्य निष्ठा और निडरता ने। जिसने आतंक से मुक्ति के साथ केवल अखिलेश दुबे का समाज विरोधी असली अपराधी माफिया चेहरा ही बेनकाब नहीं किया, बल्कि ना जाने कितने लोगों को भविष्य में गिरोह शिकार होने से भी बचा लिया। जिससे यह भी प्रमाणित हो गया कि पुलिस कमिश्नर के रूप में अखिल कुमार जैसा अभूतपूर्व विशुद्ध ईमानदार, अखिल कुमार जैसा अभूतपूर्व निडर ,अखिल कुमार जैसा जुझारु, अखिल कुमार जैसा नेतृत्व कुशल ,अखिल कुमार जैसा कठोर परिश्रमी, और अखिल कुमार जैसा व्यवहार कुशल कानपुर को इसके पहले ना तो कभी मिला था और ना ही इसके बाद कभी मिलने की संभावना है। यही वजह है कि कानपुर उनके व्यक्तित्व और जनहित में उनके कृतित्व को कभी भूलेगा भी नहीं।
यह भी सच है कि अगर योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री और वरिष्ठ आईपीएस अखिल कुमार कानपुर के पुलिस कमिश्नर नहीं होते तो भी अखिलेश दुबे या अवनीश दीक्षित जैसे गिरोह का भंडाफोड़ कभी भी और कदापि नहीं हो पाता। इसीलिए जनहित में इस अभूतपूर्व सफलता के लिए भूतो न भविष्यति की परिभाषा के अंतर्गत आने वाले एक तरह से दुर्लभ के साथ ही अद्वितीय ईमानदार और अद्वितीय निर्भीक डीजी बन चुके पुलिस कमिश्नर वरिष्ठ आईपीएस अखिल कुमार ही नहीं बल्कि यूपी को अपराधी माफियाओं से मुक्ति के अपने संकल्प में सफल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कोटिशः धन्यवाद और आभार के पात्र हैं। इसी क्रम में अखिलेश को जेल भेजने में किसी भी तरह की अड़चन नहीं पैदा होने देना भी निःसंदेह पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार की ईमानदारी, निडरता और उनकी कर्तव्य निष्ठा का मुख्यमंत्री योगी द्वारा किया गया सम्मान भी है ,नहीं तो जिस तरह से कानून व्यवस्था जुड़े बड़े बड़े आईपीएस अधिकारी भी अखिलेश दुबे के पक्ष में दबाव बना रहे थे।
अगर योगी आदित्यनाथ की जगह और कोई मुख्यमंत्री होता तो वह सभी अपने इरादे में सफल भी अवश्य हो जाते। और यही सत्य वरिष्ठ आईपीएस अखिल कुमार के बारे में भी है। मतलब अगर विशुद्ध ईमानदार और निडरता के भी पर्याय अखिल कुमार के स्थान पर कोई दूसरा पुलिस कमिश्नर होता तो वह दस पांच करोड़ नहीं ,10 – 5 लाख में ही बिक जाता, लेकिन ऐसा इसलिए नहीं हुआ ,क्योंकि ईश्वर में आस्था रखने वाले लोगों को विश्वास है कि संसार संचालक ईश्वर समय आने पर अच्छे बुरे कर्मों का फल अवश्य ही देता है। और वह इसके लिए जिन्हें अपना माध्यम बनाता है। वह जनहित में अपना कर्तव्य भी संपूर्ण यानी अखिल ही निभाता है। जनहित में ऐसे संपूर्ण मतलब अखिल को कोई खरीद नहीं पाता है, क्योंकि खरीदने की हर संभव कोशिशों के खिलाफ विशुद्ध ईमानदारी का नाम अखिल है। दबाव में नहीं झुकने वाली निडरता का नाम भी अखिल है। और अगर यह सच नहीं होता तो अखिलेश या अवनीश जैसे मानव शरीर धारी कलयुगी राक्षसों का चेहरा कभी बेनकाब हो ही नहीं पाता।
जेल भेजने के पहले तक लोगों को यह भी यकीन था कि धरती पर ऐसा कोई पैदा ही नहीं हुआ ,जो अखिलेश दुबे का बाल बांका कर सके, लेकिन उसे उनके कर्मों का फल आसमान में नहीं बल्कि इसी धरती पर ही इसी लिए मिला, क्योंकि जब जन्म धरती पर। मृत्यु धरती पर। और सारे अच्छे – बुरे कर्म धरती पर ,तो फिर इंसान उनका फल भी आसमान में नहीं धरती पर ही पाता हैं ,जिसके लिए ही परमेश्वर योगी ,मोदी ही नहीं आई पी एस अखिल कुमार भी बन जाता है। शायद यही वजह है कि इस सफलता का एक ही राशि वालों से भी नाता है ,जिसका क्रम आदित्यनाथ ,अखिल कुमार ,अवनीश अखिलेश भी साफ नजर आता है। मतलब अशुभ अवनीश अखिलेश के शमन के लिए शुभ आदित्यनाथ योगी मुख्यमंत्री और अखिल कुमार पुलिस कमिश्नर को परमेश्वर ही अपना माध्यम बनाता है और जिसकी वजह से ही अतीक, मुख़्तार और विकास दुबे से भी बड़े, अतीक, मुख़्तार और विकास दुबे से भी शातिर तथा अतीक, मुख़्तार और विकास दुबे से भी ऊंची पहुंच वाले प्रभावशाली खतरनाक अखिलेश दुबे जैसे अंतर्राष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ भी हो जाता है।

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