बरौनी जंक्शन: जगजीवन रेलवे मार्केट प्रवेश द्वार बंद, ग्रामीणों ने की खोलने की मांग
रेलकर्मियों ने भी जताई चिंता, कार्यस्थलों तक पहुंचने में हो रही कठिनाई
नन्दकिशोर दास
बेगूसराय ब्यूरो। बरौनी जंक्शन के रेल परिक्षेत्र के अंतर्गत स्थित जगजीवन रेलवे मार्केट का प्रवेश द्वार बंद किए जाने से आसपास के गांवों के हजारों नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। निपनिया, बारो, गढ़हरा, अमरपुर, गंगाप्रसाद, रूपनगर, मधुरापुर सहित कई गांवों के निवासी इस मार्ग से वर्षों से रेलवे परिसर में आवागमन करते रहे हैं। यह मार्ग न केवल यात्रियों के लिए बल्कि दुकानदारों, रेलकर्मियों और स्थानीय लोगों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। स्थानीय रेल प्रशासन द्वारा इस प्रवेश द्वार को बंद कर देने से आमजनों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है, जो असुविधाजनक हैं। स्थानीय पूर्व मुखिया विनय कुमार सिंह, मनोज सिंह, उमेश कुमार, नवीन कुमार, कृष्ण ठाकुर, नीतीश यादव, दयानंद साह, मोहम्मद बउआ व ऋषभ का कहना है कि उक्त प्रवेश द्वार के बंद होने से उन्हें रेलवे परिसर में प्रवेश के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है।विशेष रूप से वृद्धजन, बीमार एवं दिव्यांग यात्रियों के लिए फूट ओवर ब्रिज का उपयोग करना बेहद कठिन हो गया है। वहीं, रेलवे परिसर स्थित दर्जनों दुकानों की बिक्री में भारी गिरावट आई है, जिससे दुकानदारों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग से जुड़ी सुविधाओं में रनिंग रूम, मालगोदाम, उपमंडलीय रेलवे अस्पताल, विद्युत लोको शेड और रेल कॉलोनी शामिल हैं। इन स्थानों तक पहुंचने के लिए अब लोगों को वैकल्पिक मार्ग नव निर्मित एफओबी का सहारा लेना पड़ रहा है। रेलकर्मियों ने भी इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। स्थानीय लोगों की जत्था ने मंडल रेल प्रबंधक अमित शरण को सामूहिक रूप से एक प्रार्थना पत्र सौंपा है, जिसमें जनहित में उक्त प्रवेश द्वार को पुनः खोलने की मांग की गई है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि यह प्रवेश द्वार पुनः खोल दिया जाए तो न केवल आमजन को राहत मिलेगी, बल्कि रेलवे परिसर की गतिविधियां भी पूर्ववत सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगी। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि मंडल रेल प्रबंधक जनहित को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय लेंगे।विदित हो कि गत वर्ष 2024 नवंबर माह के 09 तारीख को बरौनी जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 5 पर एक दर्दनाक हादसे में रेलकर्मी अमर कुमार की मौत हो गई थी। वे 15204 डाउन लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस के इंजन को बोगी से अलग करने के दौरान कपलिंग खोल रहे थे, तभी इंजन अचानक पीछे चला गया और वे इंजन व बोगी के बीच दब गए। उक्त घटना के बाद ही उक्त मार्ग को बंद की गई थी।




