कानपुर धमाके की वजह बारूद का अवैध भंडारण, पटाखा वालों की तलाश में छापे, 6 सस्पेंड
सुनील बाजपेई
कानपुर। यहां मूलगंज के मिश्री बिसाती बाजार में बुधवार को हुए धमाके का सच सामने आया है। जिसके मुताबिक इस भीषण विस्फोट की वजह पटाखों का भंडारण था। साथ ही पुलिस ने इस घटना में किसी आतंकी साजिश से भी इनकार किया है।
वहीं घटना के लिए दोषी मानते हुए मूलगंज थाना प्रभारी विक्रम सिंह, चौकी प्रभारी एसआइ रोहित तोमर सहित जेबरा मोबाइल कांस्टेबल चेतन कुमार, अमित कुमार, बीट कांस्टेबल ब्रह्मानंद, हेड कांस्टेबल इमामुल हक को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही ए सीपी को भी हटाया गया है।
अबतक तक चले सर्च आपरेशन में पुलिस ने 12 दुकानदारों को हिरासत में लिया है। मामले में पुलिस जिन दुकानदारों के यहां अवैध पटाखों का भंडारण मिला है। उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराने की तैयारी कर रही है।
मिश्री बाजार में मरकज मस्जिद से 100 मीटर दूर खड़ी चोरी की स्कूटी में बुधवार शाम भीषण विस्फोट हुआ था। इसकी चपेट में महिला समेत 12 लोग घायल हो गए थे, जिसमें आठ लोगों को उर्सुला में भर्ती कराया गया था। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि बगल में खड़ी लालबंगला निवासी अश्वनी कुमार की स्कूटी क्षतिग्रस्त और आसपास के कई घरों की खिड़कियाें के शीशे टूट गए थे।
इस घटना को हादसा, शरारत और साजिश के बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी गई। एटीएस समेत एजेंसियों ने जांच पड़ताल की। देर रात सर्च आपरेशन चला गया तो कई दुकानों में अवैध पटाखों का भंडारण मिला।
ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था आशुतोष कुमार ने बताया कि जहां धमाका हुआ, वहां कई दुकानों में तैयार पटाखे और पटाखे बनाने का बारूद भारी मात्रा में था। एक सीसीटीवी फुटेज भी मिला, जिसमें दुकान में रखे एक ढेर में हुआ विस्फोट दिखा है। जिससे विस्फोट की वजह स्पष्ट हो गई है। वहीं पुलिस बिना अनुमति रिहायशी इलाके में बारूद भंडारण व बिक्री करने वालों को गिरफ्तारी के लिए लगातार छापे भी मार रही।




