खर्ग द्वीप बनेगा युद्ध का मैदान
-ईरान के तेल ठिकानों पर हमले से पीछे हटा अमेरिका
विशेष प्रतिनिधि
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी सेना को ईरान के खर्ग द्वीप स्थित तेल प्रतिष्ठानों को निशाना नहीं बनाने का निर्देश दिया था, क्योंकि उनका मानना है कि इन पर हमला वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, उन्होंने ईरान में सीमित जमीनी सैन्य अभियान चलाने या भविष्य में रणनीतिक महत्व वाले इस द्वीप पर नियंत्रण करने की संभावना से भी इनकार नहीं किया। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने खर्ग द्वीप पर दो या तीन बार हमले किए, लेकिन तेल प्रतिष्ठानों को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया।
ट्रंप ने कहा, श्सब कुछ निशाना बनाओ, लेकिन तेल को मत छुओ। उस छोटे से हिस्से को छोड़ दो। तेल प्रतिष्ठानों को हाथ मत लगाना। मैं वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर नहीं चाहता। यह दुनिया की अर्थव्यवस्था का एक अहम हिस्सा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका चाहे तो भविष्य में तेल प्रतिष्ठानों पर हमला कर सकता है। उन्होंने कहा, श्हमने अब तक उन्हें निशाना नहीं बनाया है, लेकिन किसी समय ऐसा कर सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि इसकी संभावना कम है।”
खर्ग द्वीप पर नियंत्रण करने के सवाल पर ट्रंप ने कोई साफ जवाब नहीं दिया। इंटरव्यू के दौरान पत्रकार ने 1988 में दिए गए ट्रंप के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर किसी अमेरिकी सैनिक या जहाज पर हमला हुआ तो वह खर्ग द्वीप पर कब्जा कर लेंगे। इस पर ट्रंप ने कहा, श्मैं इस बारे में अभी कुछ नहीं कह सकता। अगर कहूंगा तो यह समझदारी नहीं होगी।’ हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि अगर ईरान की सैन्य क्षमता को और अधिक कमजोर कर दिया गया तो खर्ग द्वीप पर कब्जे की संभावना पर विचार किया जा सकता है।



